
नूर मोहम्मद,जिला ब्यूरो चीफगौरेला-पेंड्रा-मरवाही(सर्वव्यापी)
भारत सरकार एवं छत्तीसगढ़ शासन की महत्वपूर्ण पहल राष्ट्रीय मिशन-ऑयल पाम के अंतर्गत जिले में ऑयल पाम की खेती को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। इसी क्रम में विकासखंड गौरेला के ग्राम मडना में वृहद ऑयल पाम रोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान कृषक मयंक सोनी, रमेश सोनी सहित अन्य कृषकों की कुल 8 हेक्टेयर भूमि में 1,144 ऑयल पाम पौधों के रोपण का कार्य प्रारंभ किया गया।कार्यक्रम में नगर पालिका परिषद गौरेला अध्यक्ष मुकेश दुबे, कलेक्टर विजय दयाराम के., डीएफओ कुमार निशांत, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मुकेश रावटे, एसडीएम पेंड्रारोड अमित बेक सहित जनप्रतिनिधियों एवं विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने ऑयल पाम पौधों का रोपण कर कृषकों को प्रोत्साहित किया।*कृषकों को मिल रहा अनुदान एवं तकनीकी मार्गदर्शन*राष्ट्रीय मिशन-ऑयल पाम के माध्यम से जिले में ऑयल पाम की खेती को बढ़ावा देने के साथ किसानों को आधुनिक एवं व्यावसायिक कृषि से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। उद्यानिकी विभाग द्वारा योजना के प्रावधानों के अनुसार पात्र कृषकों को शासकीय अनुदान-सब्सिडी का लाभ दिया जा रहा है। साथ ही ऑयल पाम की खेती, पौधों के रख-रखाव और बेहतर उत्पादन के लिए कृषकों को आवश्यक तकनीकी मार्गदर्शन भी उपलब्ध कराया जा रहा है।*दीर्घकालीन आय का बेहतर माध्यम बनेगी ऑयल पाम की खेती*ऑयल पाम एक दीर्घकालीन एवं व्यावसायिक फसल है, जो किसानों के लिए भविष्य में निरंतर और बेहतर आय का माध्यम बन सकती है। जिले में ऑयल पाम के रकबे के विस्तार से फसल विविधीकरण को बढ़ावा मिलने, कृषि आधारित आय में वृद्धि होने तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं आर्थिक गतिविधियों के विस्तार की संभावनाएं हैं।जिला प्रशासन एवं उद्यानिकी विभाग द्वारा कृषकों को परंपरागत फसलों के साथ लाभकारी एवं व्यावसायिक फसलों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। राष्ट्रीय मिशन-ऑयल पाम के अंतर्गत जिले में शुरू की गई यह पहल किसानों को कृषि के नए अवसरों से जोड़ने तथा उनकी आय के स्थायी स्रोत विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।




