विकास नंद/ सर्वव्यापी
इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में बी.एससी. (कृषि) प्रथम वर्ष द्वितीय सेमेस्टर के APB-5121 (Fundamentals of Genetics) विषय का प्रश्न पत्र लीक होने का मामला सामने आया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने पांच सदस्यीय जांच समिति गठित कर दी है। साथ ही पुलिस विभाग से प्रकरण को पूर्व में चल रही पेपर लीक की जांच में शामिल कर विवेचना करने का आग्रह किया गया है।
19 अगस्त को हुई थी परीक्षा, 26 अगस्त को सामने आया मामला
विश्वविद्यालय के अनुसार APB-5121 विषय की परीक्षा 19 अगस्त 2026 को प्रदेश के सभी 28 कृषि महाविद्यालयों में निर्धारित समय-सारणी के अनुसार सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक आयोजित की गई थी। इसके बाद 26 अगस्त को एक समाचार पत्र में प्रश्न पत्र लीक से संबंधित खबर प्रकाशित हुई। पत्रकार द्वारा विश्वविद्यालय के सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी के मोबाइल नंबर पर व्हाट्सएप के माध्यम से संबंधित विषय के प्रश्न-उत्तर की पीडीएफ फाइल भी उपलब्ध कराई गई।
प्रश्न पत्र के लिफाफे में छेड़छाड़ के संकेत
मामले की सूचना मिलने के बाद विश्वविद्यालय स्तर पर पांच सदस्यीय जांच समिति का गठन किया गया। समिति ने प्रथम चरण में कृषि महाविद्यालयों को भेजे गए प्रश्न पत्रों के वापस प्राप्त लिफाफों का परीक्षण किया। विश्वविद्यालय के अनुसार, प्रथम दृष्टया कुछ लिफाफों में उसी प्रकार की छेड़छाड़ के संकेत मिले हैं, जिसका खुलासा पूर्व में पुलिस की पेपर लीक संबंधी जांच में हुआ था। 26 अगस्त को प्रकाशित समाचार में उल्लेखित APB-5121 विषय का प्रश्न पत्र वाला लिफाफा भी जांच के दायरे में है।
पुलिस जांच में शामिल करने का आग्रह
विश्वविद्यालय प्रशासन ने पुलिस विभाग से आग्रह किया है कि APB-5121 प्रश्न पत्र लीक से संबंधित इस नए प्रकरण को भी पूर्व से की जा रही जांच एवं विवेचना में शामिल किया जाए। मामले की जांच आगे बढ़ने के साथ प्रश्न पत्र लीक की पूरी कड़ी सामने आने की उम्मीद है।पेपर लीक की आशंका ने विश्वविद्यालय प्रशासन की परीक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। अब पुलिस और विश्वविद्यालय की जांच से यह स्पष्ट होगा कि प्रश्न पत्र परीक्षा से पहले किस स्तर पर और कैसे बाहर पहुंचा।




