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दिल्ली में जल जीवन मिशन पर मंथन: हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने की रणनीति पर केंद्र–राज्य की साझा पहल।

तरुण कौशिक, संपादक सर्वव्यापी

छत्तीसगढ़ में जल जीवन मिशन को और अधिक प्रभावी, पारदर्शी तथा परिणामोन्मुख बनाने की दिशा में मंगलवार को नई दिल्ली स्थित छत्तीसगढ़ भवन में एक महत्वपूर्ण उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी से जुड़े मंत्री सी.आर. पाटिल ने की। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री अरुण साव, विभागीय सचिव कैसर अब्दुल हक तथा प्रदेश के लोकसभा एवं राज्यसभा सांसद उपस्थित रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य जल जीवन मिशन के तहत प्रदेश में चल रहे कार्यों की समीक्षा करना, परियोजनाओं की प्रगति का मूल्यांकन करना तथा भविष्य की कार्ययोजना को अधिक प्रभावी बनाना रहा।बैठक में जल जीवन मिशन के अंतर्गत प्रदेश के विभिन्न जिलों में संचालित पेयजल योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। अधिकारियों ने मिशन की वर्तमान स्थिति, स्वीकृत एवं पूर्ण हो चुकी परियोजनाओं, निर्माणाधीन योजनाओं तथा ग्रामीण क्षेत्रों में पाइपलाइन विस्तार और घरेलू नल कनेक्शन की प्रगति से संबंधित जानकारी प्रस्तुत की। इसके साथ ही उन क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता बताई गई, जहां भौगोलिक परिस्थितियों अथवा अन्य तकनीकी कारणों से योजनाओं के क्रियान्वयन में अपेक्षित गति नहीं आ सकी है।चर्चा के दौरान इस बात पर विशेष बल दिया गया कि जल जीवन मिशन केवल पाइपलाइन बिछाने या नल कनेक्शन उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रत्येक ग्रामीण परिवार तक नियमित, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराना इसका मूल उद्देश्य है। इसलिए परियोजनाओं के निर्माण के साथ-साथ उनकी गुणवत्ता, दीर्घकालिक रखरखाव, जल स्रोतों का संरक्षण तथा पेयजल आपूर्ति की निरंतरता सुनिश्चित करने पर भी समान रूप से ध्यान देने की आवश्यकता है।बैठक में शामिल सांसदों ने अपने-अपने संसदीय क्षेत्रों की आवश्यकताओं, स्थानीय समस्याओं तथा जनप्रतिनिधियों को प्राप्त हो रहे सुझावों से अवगत कराया। विशेष रूप से दूरस्थ, आदिवासी एवं दुर्गम क्षेत्रों में पेयजल योजनाओं के शीघ्र क्रियान्वयन, अधूरी परियोजनाओं को समयबद्ध रूप से पूरा करने तथा नई आवश्यकताओं के अनुरूप अतिरिक्त योजनाओं को प्राथमिकता देने का आग्रह किया गया। जनप्रतिनिधियों के सुझावों को भविष्य की कार्ययोजना में शामिल करने पर भी सहमति व्यक्त की गई।बैठक में केंद्र और राज्य सरकार के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर योजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली प्रशासनिक एवं तकनीकी बाधाओं को दूर करने पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ। यह भी तय किया गया कि परियोजनाओं की नियमित समीक्षा, प्रभावी निगरानी और समयबद्ध क्रियान्वयन के माध्यम से जल जीवन मिशन को नई गति दी जाएगी, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को शीघ्र लाभ मिल सके।इस अवसर पर यह भी रेखांकित किया गया कि स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता केवल एक आधारभूत सुविधा नहीं, बल्कि जनस्वास्थ्य, महिलाओं के जीवन की सहजता, बच्चों के बेहतर भविष्य और ग्रामीण विकास से सीधे जुड़ा विषय है। इसलिए मिशन की सफलता के लिए केंद्र सरकार, राज्य सरकार, जनप्रतिनिधियों, विभागीय अधिकारियों और स्थानीय समुदायों के बीच निरंतर समन्वय एवं जनभागीदारी को आवश्यक बताया गया।बैठक के समापन पर सभी प्रतिभागियों ने जल जीवन मिशन को जनहित का एक महत्वपूर्ण अभियान बताते हुए इसके प्रभावी और समयबद्ध क्रियान्वयन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। विश्वास व्यक्त किया गया कि केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों, जनप्रतिनिधियों के सहयोग तथा प्रशासनिक समन्वय के माध्यम से छत्तीसगढ़ के प्रत्येक पात्र परिवार तक सुरक्षित एवं स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के लक्ष्य को और अधिक गति मिलेगी तथा प्रदेश में जलापूर्ति व्यवस्था को स्थायी रूप से सुदृढ़ बनाया जा सकेगा।

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