
विकास नंद/ सर्वव्यापी
सरायपाली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ‘मन की बात’ की 138वीं कड़ी में छत्तीसगढ़ की ‘हर घर मुनगा-घर-घर मुनगा’ पहल का उल्लेख करते हुए मुनगा यानी सहजन के माध्यम से पोषण को बढ़ावा देने के प्रयासों की सराहना की। मुनगा पोषक तत्वों से भरपूर होने के साथ ही स्थानीय स्तर पर आसानी से उपलब्ध होने वाला पौधा है, जिसे पोषण और स्वास्थ्य से जोड़कर प्रदेश में अभियान चलाया जा रहा है।
प्रधानमंत्री द्वारा छत्तीसगढ़ की इस स्थानीय पहल को राष्ट्रीय मंच पर स्थान दिए जाने से प्रदेश में उत्साह का माहौल है। अभियान के तहत बड़ी संख्या में मुनगा पौधों के वितरण और लोगों को इसके पोषण संबंधी लाभों के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया जा रहा है।हालांकि, ‘मन की बात’ में मुनगे से पोषण की चर्चा के बीच आमजन के बीच एक दूसरा सवाल भी उठ रहा है—बढ़ती महंगाई पर प्रधानमंत्री मोदी की ‘मन की बात’ कब होगी?
रसोई का बजट लगातार प्रभावित हो रहा है और खाद्य पदार्थों सहित रोजमर्रा की जरूरतों की कीमतों को लेकर आम परिवारों की चिंता बढ़ रही है। ऐसे में लोगों की अपेक्षा है कि जिस तरह प्रधानमंत्री देश के विभिन्न सामाजिक और जनहित के विषयों पर संवाद करते हैं, उसी तरह महंगाई से जूझ रहे आम लोगों की परेशानी और उनकी आर्थिक चुनौतियों पर भी खुलकर बात हो।
मुनगा निश्चित रूप से पोषण का सस्ता और सहज माध्यम हो सकता है, लेकिन आम उपभोक्ता के लिए सवाल सिर्फ पोषण का नहीं, बल्कि रसोई के पूरे बजट को संभालने का भी है। यही वजह है कि मुनगे की तारीफ के साथ अब आमजन की नजरें प्रधानमंत्री की अगली ‘मन की बात’ पर टिकी हैं—क्या उसमें महंगाई और बढ़ती घरेलू लागत का मुद्दा भी प्रमुखता से उठेगा?




