
विकास नंद/सर्वव्यापी
जल संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करते हुए महासमुंद जिले ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बनाई है। महासमुंद सहित छत्तीसगढ़ के पांच जिले सूरजपुर, बालोद, बलौदाबाजार-भाटापारा और कबीरधाम देश के शीर्ष जिलों में शामिल हुए हैं। यह उपलब्धि जिले में जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन और भू-जल पुनर्भरण के लिए किए गए सतत एवं जनभागीदारी आधारित प्रयासों का परिणाम है।
महासमुंद जिले की इस उल्लेखनीय उपलब्धि में कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के नेतृत्व और सतत मॉनिटरिंग की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। कलेक्टर लंगेह द्वारा जिले में जल संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए विभिन्न विभागों, ग्राम पंचायतों और स्थानीय समुदायों के समन्वय से जल संचयन के कार्यों को गति दी गई।जिले में वर्षा जल की प्रत्येक बूंद को सहेजने के उद्देश्य से गांव और पंचायत स्तर पर जल संरचनाओं के निर्माण, पुराने जल स्रोतों के संरक्षण तथा भू-जल पुनर्भरण के कार्यों पर विशेष ध्यान दिया गया। कलेक्टर लंगेह ने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ जल संरक्षण कार्यों में तेजी लाने तथा जनभागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।कलेक्टर विनय कुमार लंगेह की पहल पर जल संरक्षण को केवल शासकीय कार्यक्रम तक सीमित न रखकर जनअभियान का स्वरूप देने का प्रयास किया गया। ग्रामीणों, किसानों, पंचायत प्रतिनिधियों और स्थानीय समुदायों की भागीदारी से जल संचयन के कार्यों को प्रभावी बनाया गया।
जिले में स्थानीय परिस्थितियों और आवश्यकताओं के अनुरूप जल संरचनाओं का निर्माण किया गया, जिससे वर्षा जल को अधिकतम स्तर पर स्थानीय क्षेत्र में रोककर भू-जल पुनर्भरण को बढ़ावा दिया जा सके। विभिन्न जल संरचनाओं की नियमित मॉनिटरिंग और कार्यों की समीक्षा के माध्यम से अभियान को गति प्रदान की गई।
कलेक्टर लंगेह के मार्गदर्शन में प्रशासन ने जल संरक्षण के साथ-साथ लोगों को जल के महत्व और भविष्य की जल सुरक्षा के प्रति जागरूक करने पर भी विशेष जोर दिया। गांवों में लोगों की सक्रिय भागीदारी से जल संरक्षण की यह पहल व्यापक जनअभियान के रूप में आगे बढ़ी।
महासमुंद का देश के शीर्ष जिलों में शामिल होना जिले के लिए गौरव की बात है। यह उपलब्धि जिला प्रशासन, विभिन्न विभागों, पंचायत प्रतिनिधियों, किसानों और आम नागरिकों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है।
जल संरक्षण के क्षेत्र में महासमुंद की यह सफलता यह संदेश देती है कि प्रशासनिक इच्छाशक्ति, सतत मॉनिटरिंग और जनभागीदारी के समन्वय से जल संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण अभियान को सफल बनाया जा सकता है।
महासमुंद सहित छत्तीसगढ़ के पांच जिलों का राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष जिलों में स्थान बनाना प्रदेश के लिए बड़ी उपलब्धि है और आने वाले समय में जल संरक्षण एवं भू-जल संवर्धन के क्षेत्र में अन्य जिलों के लिए भी प्रेरणादायक उदाहरण बनेगा।




