
विकास नंद/सर्वव्यापी

राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (चिरायु) के अंतर्गत स्वास्थ्य विभाग की चिरायु टीम बागबाहरा के निरंतर प्रयासों एवं समन्वय से ग्राम घुचापाली निवासी 7 वर्षीय दिगेंद्र नारंग, पिता पूनम नारंग, को हृदय रोग से उपचार मिला। बीमारी के कारण दिगेंद्र स्कूल जाने में असमर्थ था और थोड़ी देर खेलने पर ही थक जाता था। स्वास्थ्य समस्या का उसके सामान्य जीवन पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा था।चिरायु योजना के तहत चिरायु टीम बागबाहरा ने बच्चे की स्वास्थ्य जांच एवं आवश्यक परीक्षण किए। जांच के दौरान हृदय रोग की पहचान होने पर उसे बेहतर उपचार के लिए उच्च स्वास्थ्य संस्था में रेफर किया गया। टीम के निरंतर प्रयास, मार्गदर्शन और समन्वय से 19 अगस्त 2025 को रायपुर स्थित बालाजी हॉस्पिटल में दिगेंद्र का निःशुल्क हृदय ऑपरेशन सफलतापूर्वक कराया गया।बच्चे का पीटीएफई पैच के साथ वीएसडी क्लोजर एवं पल्मोनरी वाल्व रिप्लेसमेंट के साथ इंट्राकार्डिएक रिपेयर किया गया। सफल ऑपरेशन के बाद दिगेंद्र के स्वास्थ्य में उल्लेखनीय सुधार हुआ।उपचार के बाद अब दिगेंद्र नियमित रूप से स्कूल जा रहा है। वह अन्य बच्चों की तरह खेलने-कूदने लगा है और सामान्य जीवन की ओर लौट चुका है। बीमारी के कारण जिन गतिविधियों में उसे परेशानी होती थी, उनमें सुधार होने से उसके चेहरे पर फिर से मुस्कान लौट आई है।
चिरायु टीम बागबाहरा के प्रयासों से दिगेंद्र को समय पर बीमारी की पहचान के साथ निःशुल्क उपचार मिला, जिससे उसके परिवार को भी बड़ी राहत मिली। यह पहल बच्चों में गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं की समय पर पहचान और उपचार सुनिश्चित करने में चिरायु कार्यक्रम की भूमिका को दर्शाती है।




