
विकास नंद/ सर्वव्यापी
राष्ट्रीय एवं राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग तथा जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण महासमुंद के संयुक्त तत्वावधान में गुरुवार को शहीद वीर नारायण सिंह कोडार डेम में बाढ़ आपदा को लेकर मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इसका उद्देश्य बाढ़ की स्थिति में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने का पूर्वाभ्यास करने के साथ जिले की आपदा प्रबंधन तैयारियों को परखना और आम नागरिकों को बचाव एवं सुरक्षा उपायों के प्रति जागरूक करना रहा।
मॉक ड्रिल का कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने मौके पर पहुंचकर जायजा लिया। उन्होंने रेस्क्यू एवं राहत कार्यों की जानकारी लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आपदा की स्थिति में त्वरित, प्रभावी और आपसी समन्वय के साथ कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट दिनेश रावटे के मार्गदर्शन में राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) एवं नगर सेना की संयुक्त टीम ने बाढ़ में फंसे लोगों के बचाव और राहत कार्यों का व्यावहारिक प्रदर्शन किया। जवानों ने नाव, मोटरबोट और रस्सी की सहायता से तेज बहाव में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने की तकनीक का प्रदर्शन किया। रेस्क्यू जैकेट, ट्यूब एवं रस्सी के माध्यम से बचाव कार्य का अभ्यास भी कराया गया।मॉक ड्रिल के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम ने घायलों को तत्काल प्राथमिक उपचार देने तथा एंबुलेंस से नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाने की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया। पशुपालन विभाग ने बाढ़ के दौरान मवेशियों को सुरक्षित ऊंचे स्थानों पर पहुंचाने के उपाय बताए। विद्युत विभाग ने बाढ़ की स्थिति में विद्युत आपूर्ति बंद करने तथा बिजली के खंभों और तारों से दूरी बनाए रखने की जानकारी दी। वहीं पीएचई विभाग ने सुरक्षित पेयजल की उपलब्धता और जलजनित बीमारियों से बचाव के उपायों से अवगत कराया।
अधिकारियों ने नागरिकों को बताया कि बाढ़ आने पर तत्काल ऊंचे एवं सुरक्षित स्थानों पर पहुंचें और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों से बचें। बिजली के खंभों एवं तारों से दूरी बनाए रखें तथा केवल सुरक्षित पेयजल का उपयोग करें। आवश्यकता होने पर पानी को उबालकर पीने की सलाह दी गई। बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को प्राथमिकता से सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने तथा प्रशासन एवं आपदा प्रबंधन दल द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने की अपील की गई।
इस अवसर पर अपर कलेक्टर रवि साहू, उप पुलिस अधीक्षक सुशील नायक, एसडीएम अक्षा गुप्ता, डिप्टी कलेक्टर तेजपाल सिंह ध्रुव, तहसीलदार जुगल किशोर पटेल सहित स्वास्थ्य, पशुपालन, पुलिस, राजस्व, पीएचई, खाद्य, समाज कल्याण, विद्युत विभाग के अधिकारी-कर्मचारी तथा स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे।मॉक ड्रिल के माध्यम से जिला प्रशासन ने बाढ़ जैसी आपदा की स्थिति में विभिन्न विभागों के बीच समन्वय, त्वरित रेस्क्यू और राहत कार्यों की तैयारियों को परखा। साथ ही नागरिकों को आपदा के दौरान सतर्क रहने और सुरक्षित बचाव उपाय अपनाने का संदेश दिया गया।




