
विकास नंद/ सर्वव्यापी
विश्व हेपेटाइटिस दिवस के अवसर पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा प्रदेशभर में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया गया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में सुदृढ़ और जनकेंद्रित स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की दिशा में लगातार प्रभावी कार्य किए जा रहे हैं।
इसी क्रम में शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों, आयुष्मान आरोग्य मंदिरों तथा सामुदायिक स्तर पर आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से नागरिकों को हेपेटाइटिस-बी एवं सी संक्रमण से बचाव, समय पर जांच, टीकाकरण तथा सुरक्षित जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार हेपेटाइटिस के प्रमुख लक्षणों में बुखार, भूख कम लगना, अत्यधिक थकान, जोड़ों में दर्द, अनिद्रा, पैरों में सूजन, त्वचा में खुजली तथा गहरे रंग का मूत्र शामिल हैं। विभाग ने सलाह दी है कि ऐसे लक्षण दिखाई देने पर निकटतम शासकीय स्वास्थ्य केंद्र में तत्काल जांच करानी चाहिए।
मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए प्रदेश की सभी गर्भवती महिलाओं की नियमित रूप से हेपेटाइटिस-बी जांच कराई जा रही है, ताकि नवजात शिशुओं को संक्रमण से सुरक्षित रखा जा सके। प्रदेश के सभी शासकीय स्वास्थ्य केंद्रों में हेपेटाइटिस की निःशुल्क जांच तथा जिला चिकित्सालयों में उपचार की सुविधा उपलब्ध है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि वे हेपेटाइटिस के प्रति जागरूक रहें, सुरक्षित स्वास्थ्य व्यवहार अपनाएं, समय पर जांच एवं टीकाकरण कराएं तथा किसी भी प्रकार के लक्षण दिखाई देने पर निकटतम शासकीय स्वास्थ्य केंद्र में निःशुल्क जांच एवं उपचार का लाभ अवश्य लें।प्रदेश सरकार का लक्ष्य प्रत्येक नागरिक तक सुलभ, सस्ती और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाकर स्वस्थ, सुरक्षित एवं निरोग छत्तीसगढ़ का निर्माण करना है।




