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ऑनलाइन उपस्थिति के आधार पर वेतन आहरण के आदेश पर फेडरेशन ने जताई आपत्ति, ऑफलाइन उपस्थिति पंजी के आधार पर वेतन भुगतान की मांग।

तरुण कौशिक, संपादक सर्वव्यापी

छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन, जिला बिलासपुर के जिला अध्यक्ष सुनील कुमार पाण्डेय के नेतृत्व में आज जिला शिक्षा अधिकारी, बिलासपुर को ज्ञापन सौंपकर लोक शिक्षण संचालनालय, छत्तीसगढ़ द्वारा जारी पत्र क्रमांक स्था.1/राज/वे.भ./2026/2201, दिनांक 29.07.2026 के बिंदु क्रमांक-03 में केवल ऑनलाइन उपस्थिति के आधार पर वेतन आहरण किए जाने संबंधी निर्देश पर गंभीर आपत्ति दर्ज कराई गई।ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि वर्तमान में ऑनलाइन उपस्थिति प्रणाली अनेक तकनीकी समस्याओं, जैसे सर्वर की खराबी, नेटवर्क की अनुपलब्धता, दूरस्थ विद्यालयों में इंटरनेट कनेक्टिविटी की कमी तथा अन्य तकनीकी बाधाओं से प्रभावित है।

ऐसी परिस्थितियों में शिक्षकों एवं कर्मचारियों का वेतन केवल ऑनलाइन उपस्थिति के आधार पर निर्भर करना न केवल अव्यवहारिक है, बल्कि कर्मचारियों के साथ अन्याय भी है।

फेडरेशन ने अपने ज्ञापन में स्पष्ट किया कि प्रदेश के सभी शासकीय विद्यालयों में शिक्षकों एवं कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति प्रतिदिन निर्धारित समय पर ऑफलाइन उपस्थिति पंजी में दर्ज की जाती है, जिसका सत्यापन संबंधित प्रधान पाठक एवं प्राचार्य द्वारा किया जाता है। यह व्यवस्था वर्षों से प्रभावी एवं प्रमाणिक रही है।

फेडरेशन ने मांग की कि जब तक ऑनलाइन उपस्थिति प्रणाली पूर्णतः सुचारु, त्रुटिरहित एवं सभी विद्यालयों में समान रूप से संचालित नहीं हो जाती, तब तक शिक्षकों एवं कर्मचारियों का वेतन प्रमाणित ऑफलाइन उपस्थिति पंजी के आधार पर आहरित किए जाने के निर्देश जारी किए जाएं, ताकि किसी भी कर्मचारी को तकनीकी खामियों के कारण आर्थिक परेशानी का सामना न करना पड़े।

इस अवसर पर प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष अश्वनी कुर्रे, प्रदेश सलाहकार रंजीत बनर्जी, वीरेंद्र यादव, प्रदेश मीडिया प्रभारी एवं प्रदेश प्रवक्ता चंद्र प्रकाश तिवारी, जिला संयोजक ढोला लाल पटेल, देवेंद्र साहू, जिला उपाध्यक्ष संजय यादव, संयुक्त सचिव विवेक तिवारी, जिला विधि प्रकोष्ठ अजीत कुजूर, ब्लॉक अध्यक्ष बिल्हा आशुतोष सिंह राजपूत, ब्लॉक सचिव अनिमेष दीक्षित, ब्लॉक मीडिया प्रभारी,चंद्रशेखर नवरात सहित फेडरेशन के अनेक पदाधिकारी एवं शिक्षक साथी उपस्थित रहे।

फेडरेशन ने विश्वास व्यक्त किया कि जिला प्रशासन एवं शिक्षा विभाग शिक्षकों की व्यावहारिक समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र सकारात्मक निर्णय करेगा, जिससे प्रदेश के हजारों शिक्षकों एवं कर्मचारियों का वेतन तकनीकी त्रुटियों के कारण प्रभावित न हो और शिक्षा व्यवस्था भी निर्बाध रूप से संचालित होती रहे।

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