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बैंकों की कार्यप्रणाली पर कलेक्टर लंगेह सख्त, सितंबर तक 60 प्रतिशत सीडी रेशियो का लक्ष्य…केसीसी, स्वरोजगार ऋण और लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निराकरण करने के निर्देश।

विकास नंद/ सर्वव्यापी

कलेक्टर विनय कुमार लंगेह की अध्यक्षता में जिला परामर्श समिति, जिला स्तरीय समीक्षा समिति तथा जिला स्तरीय आरसेटी सलाहकार समिति की त्रैमासिक बैठक गत दिवस जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित हुई। बैठक में बैंकों की प्रगति, विभिन्न शासकीय योजनाओं के तहत ऋण वितरण, केसीसी ऋण, वित्तीय साक्षरता एवं स्वरोजगार से संबंधित विषयों की विस्तार से समीक्षा की गई।

बैठक में जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी अनुपमा आनंद, आरबीआई रायपुर के प्रतिनिधि सत्येंद्र कुमार राठौर, लीड बैंक अधिकारी प्रकाश मेहर, नाबार्ड जिला प्रबंधक प्रियब्रता साहू, आरसेटी निदेशक टुटु बेहरा सहित विभिन्न बैंक एवं विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।बैठक में पूर्व में आयोजित जिला परामर्श समिति एवं जिला स्तरीय समीक्षा समिति की बैठक की कार्यवाही का अनुमोदन किया गया।

कलेक्टर लंगेह ने विभिन्न बैंकों को अपने ऋण-जमा अनुपात (सीडी रेशियो) में सुधार करते हुए सितंबर 2026 तक इसे न्यूनतम 60 प्रतिशत तक पहुंचाने के लिए कार्ययोजना प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।उन्होंने सभी बैंकों को किसान क्रेडिट कार्ड, पशुपालन एवं मत्स्य पालन से संबंधित केसीसी ऋण प्रकरणों का एक माह के भीतर निराकरण करने के निर्देश दिए। साथ ही ऋण प्रकरणों की स्थिति को वास्तविक समय में संबंधित पोर्टल एवं गूगल शीट में सही टिप्पणी के साथ अद्यतन करने कहा।

कलेक्टर ने जिला समन्वयकों एवं जिला मुख्यालय स्थित बैंक शाखाओं के प्रमुखों को आगामी बैठकों में जिले की सभी शाखाओं की अद्यतन एवं पूर्ण जानकारी के साथ उपस्थित रहने के निर्देश दिए, ताकि बैंकिंग एवं शासकीय योजनाओं की प्रगति पर प्रभावी चर्चा की जा सके।

बैठक में बैंकों को प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम सहित विभिन्न स्वरोजगार एवं शासकीय योजनाओं के ऋण प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण करने कहा गया। कलेक्टर लंगेह ने वित्तीय साक्षरता शिविरों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने और इन शिविरों की मीडिया कवरेज सुनिश्चित करने पर जोर दिया।उन्होंने कहा कि सभी बैंक नियमित रूप से वित्तीय साक्षरता शिविर आयोजित करें, ताकि आम नागरिकों को डिजिटल बैंकिंग, डिजिटल साक्षरता तथा साइबर और डिजिटल धोखाधड़ी से बचाव के संबंध में जागरूक किया जा सके।बैठक में सभी बैंकों को शासकीय विभागों से प्राप्त चेक एवं अन्य रेमिटेंस का शीघ्र निराकरण कर समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही आगामी जिला परामर्श समिति की बैठक से पूर्व संबंधित बैंकों को की गई कार्यवाही की रिपोर्ट प्रस्तुत करने कहा गया।

बैठक में कृषि अवसंरचना निधि एवं अन्य शासकीय सब्सिडी योजनाओं की भी समीक्षा की गई। बैंकों को कृषि अवसंरचना निधि के तहत प्राप्त ऋण आवेदनों का शीघ्र निराकरण करने कहा गया। जानकारी दी गई कि इस योजना की अवधि 30 सितंबर 2026 तक बढ़ाई गई है।

आरसेटी से संबंधित समीक्षा के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक से अधिक जागरूकता शिविर आयोजित करने तथा प्रशिक्षण के लिए पात्र युवाओं को प्रेरित एवं चयनित करने के निर्देश दिए गए। ग्रामीण क्षेत्रों में संबंधित विभागों एवं मैदानी अमले के सहयोग से अधिक से अधिक प्रशिक्षणार्थियों को आरसेटी प्रशिक्षण से जोड़ने पर भी जोर दिया गया।

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