
विकास नंद/सर्वव्यापी
राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (NQAS) कार्यक्रम के तहत महासमुंद जिले ने स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। जिले की 101 स्वास्थ्य संस्थाओं को राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक का प्रमाणीकरण प्राप्त हो चुका है। इसके साथ ही महासमुंद छत्तीसगढ़ का 100 से अधिक स्वास्थ्य संस्थाओं का राष्ट्रीय प्रमाणीकरण हासिल करने वाला पहला जिला बन गया है।जिले में प्रमाणित 101 स्वास्थ्य संस्थाओं में 1 जिला अस्पताल, 1 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, 9 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और 90 उप स्वास्थ्य केंद्र शामिल हैं। इन संस्थाओं का मूल्यांकन स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, मरीजों के अधिकार, आवश्यक संसाधन, सहायक सेवाएं, क्लिनिकल सेवाएं, संक्रमण नियंत्रण, गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली और परिणाम सहित निर्धारित आठ प्रमुख मानकों पर किया गया।राष्ट्रीय प्रमाणीकरण की प्रक्रिया में स्वास्थ्य संस्थाओं द्वारा पहले स्व-मूल्यांकन कर कमियों को दूर किया जाता है। इसके बाद जिला एवं राज्य स्तर पर मूल्यांकन की प्रक्रिया पूरी होने के पश्चात राष्ट्रीय टीम द्वारा संस्थाओं का विस्तृत निरीक्षण किया जाता है। निर्धारित मानकों पर संतोषजनक प्रदर्शन के बाद राष्ट्रीय प्रमाणीकरण प्रदान किया जाता है।
NQAS प्रमाणीकरण से स्वास्थ्य सेवाओं में आया बदलाव
प्रमाणीकरण का असर स्वास्थ्य संस्थाओं की सेवाओं में भी देखने को मिल रहा है। इसका उदाहरण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बागबाहरा है, जिसे प्रमाणीकरण के बाद प्रथम संदर्भ इकाई का दर्जा मिला। यहां स्त्री रोग विशेषज्ञ के माध्यम से नियमित सिजेरियन प्रसव तथा गर्भवती माताओं के लिए नियमित सोनोग्राफी की सुविधा उपलब्ध हो रही है। इससे अस्पताल के प्रति आम लोगों का भरोसा बढ़ा है। अस्पताल में बाह्य रोगियों की संख्या में वृद्धि के साथ औसत मासिक प्रसव संख्या 80 से बढ़कर 100 तक पहुंची है तथा नसबंदी सेवाओं का भी विस्तार हुआ है।कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने इस उपलब्धि पर स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक का प्रमाणीकरण जिले की स्वास्थ्य संस्थाओं में निरंतर गुणवत्ता सुधार और टीम की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने भविष्य में भी स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बनाए रखने और आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास करने की अपेक्षा व्यक्त की।
इस उपलब्धि में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आई. नागेश्वर राव, जिला कार्यक्रम प्रबंधक नीलू धृतलहरे, जिला सलाहकार एवं जिला नोडल अधिकारी राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक संदीप चंद्राकर सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।




