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स्वास्थ्य व्यवस्था की असली परीक्षा अब शुरू… कलेक्टर ने दिए सख्त निर्देश, क्या सुधरेंगी सेवाएं?गर्भवती महिलाओं से लेकर टीबी, सर्पदंश और मौसमी बीमारियों तक हर मोर्चे पर तय हुई जवाबदेही।

नूर मोहम्मद ,जिला ब्यूरो चीफ (सर्वव्यापी)

जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में कलेक्टर विजय दयाराम के. ने स्पष्ट कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होगा। बैठक में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों तथा जिले में संचालित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए उन्होंने अधिकारियों को समयबद्ध और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।कलेक्टर ने गर्भवती महिलाओं का समय पर पंजीयन, हाई रिस्क प्रेग्नेंसी की नियमित निगरानी तथा प्रशिक्षित चिकित्सकों और स्टाफ नर्सों की देखरेख में शत-प्रतिशत संस्थागत प्रसव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने आयरन-फोलिक एसिड वितरण, आवश्यक टीकाकरण और प्रसव से संबंधित सभी जानकारियों का समय पर पोर्टल में दर्ज करने पर भी जोर दिया।

बैठक में स्वास्थ्य संस्थानों में रिक्त पदों की समीक्षा करते हुए स्टाफ नर्स, पुरुष एवं महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता, फार्मासिस्ट, लैब असिस्टेंट सहित अन्य आवश्यक पदों पर राज्य स्तर से भर्ती होने तक वैकल्पिक व्यवस्था करने तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत जिला स्तरीय भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी एवं शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मरीजों को अनावश्यक रूप से रेफर करने की प्रवृत्ति पर रोक लगे और स्थानीय स्तर पर बेहतर उपचार उपलब्ध कराया जाए।राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (चिरायु) की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने सभी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराने तथा गंभीर कुपोषित बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) में भर्ती कर समुचित उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

टीबी उन्मूलन अभियान को गति देने के लिए अधिक से अधिक निक्षय मित्र जोड़ने, क्षय रोगियों की नियमित देखभाल तथा राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर समयबद्ध उपचार एवं नियंत्रण की कार्रवाई करने को कहा। साथ ही आकांक्षी विकासखंड गौरेला एवं पीएम जनमन योजना के पात्र हितग्राहियों तक स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए।

वर्षा ऋतु को देखते हुए कलेक्टर ने मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण रखने, स्वास्थ्य केंद्रों में पर्याप्त दवाइयों की उपलब्धता बनाए रखने तथा सर्पदंश की संभावित घटनाओं को ध्यान में रखते हुए सभी अस्पतालों में पर्याप्त मात्रा में एंटी स्नेक वेनम उपलब्ध रखने के निर्देश दिए।

बैठक में वय वंदन योजना, मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम, सिकल सेल एनीमिया नियंत्रण, प्रधानमंत्री राष्ट्रीय डायलिसिस कार्यक्रम, गैर-संचारी रोग नियंत्रण, ओरल कैंसर जांच, राष्ट्रीय अंधत्व निवारण कार्यक्रम, टीबी मुक्त पंचायत, गर्भनिरोधक सेवाएं, एचपीवी टीकाकरण का डिजिटल रिकॉर्ड, बहु-दवा प्रतिरोधी टीबी की मॉनिटरिंग तथा पीसीपीएनडीटी समिति की नियमित बैठकें सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।

बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रामेश्वर शर्मा, सिविल सर्जन डॉ. देवेन्द्र पैकरा, जिला कार्यक्रम प्रबंधक विभा टोप्पो, सभी खंड चिकित्सा अधिकारी, विकासखंड कार्यक्रम प्रबंधक एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के जिला नोडल अधिकारी उपस्थित रहे।

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