
विकास नंद/ सर्वव्यापी
कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने मंगलवार को आयोजित साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक में विभिन्न विभागों की योजनाओं एवं कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि एग्रीस्टैक पंजीयन से जुड़े खाता विभाजन एवं संस्थागत पंजीयन के मामलों का प्राथमिकता के आधार पर त्वरित निराकरण किया जाए, ताकि किसानों का शत-प्रतिशत पंजीयन समय पर पूरा हो सके।
बैठक में जिला पंचायत सीईओ अनुपमा आनंद, अपर कलेक्टर सचिन भूतड़ा, रवि साहू सहित सभी एसडीएम, तहसीलदार, जनपद पंचायत सीईओ, सीएमओ और जिला स्तरीय अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए।
बैठक के दौरान कलेक्टर ने सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी शिकायतों का समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से नियमित रूप से पोर्टल पर लॉगिन कर लंबित मामलों का त्वरित निपटारा करने को कहा। समीक्षा में बताया गया कि जिले में अब तक 626 प्रकरणों का फीडबैक सहित निराकरण किया जा चुका है, जबकि 3,041 शिकायतें प्राप्त हुई हैं।
कलेक्टर ने आगामी स्वतंत्रता दिवस समारोह की तैयारियां समय रहते पूरी करने के निर्देश देते हुए कहा कि हर वर्ष की तरह इस बार भी राष्ट्रीय पर्व गरिमापूर्ण और भव्य तरीके से मनाया जाएगा।
खरीफ सीजन और वर्षा की स्थिति की समीक्षा करते हुए उन्होंने कृषि विभाग को किसानों को धान के स्थान पर दलहन एवं तिलहन फसलों की खेती के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए। साथ ही प्राकृतिक खेती, जैविक खेती, हरी खाद तथा नैनो यूरिया के उपयोग को बढ़ावा देने और रासायनिक उर्वरकों के संतुलित एवं वैज्ञानिक उपयोग के प्रति किसानों को जागरूक करने पर जोर दिया।
खाद की उपलब्धता की समीक्षा में बताया गया कि जिले में 81,574 मीट्रिक टन खाद का भंडारण किया गया है, जिसमें से 63 हजार मीट्रिक टन का वितरण किया जा चुका है। वहीं धान के स्थान पर अन्य फसलों के लिए 7,700 हेक्टेयर क्षेत्र का चिन्हांकन किया गया है। कलेक्टर ने खाद वितरण में तेजी लाने तथा सभी अनुविभागीय अधिकारियों (राजस्व) को नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्यमंत्री की घोषणाओं के अनुरूप स्वीकृत कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने सभी विभागों को ई-ऑफिस और ई-फाइल प्रणाली का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके अलावा सेवा सेतु पोर्टल, नक्शा बंटांकन, नामांतरण, कलेक्टर जनदर्शन, पीजी पोर्टल, लोक सेवा गारंटी अधिनियम, पेयजल व्यवस्था, प्रधानमंत्री आवास योजना तथा जन शिकायतों की समीक्षा करते हुए सभी लंबित प्रकरणों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।



