
विकास नंद/सर्वव्यापी
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में बुधवार को महानदी मंत्रालय भवन में वन अधिकार अधिनियम (FRA) एवं पंचायत (अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्तार) अधिनियम (PESA) के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए गठित टास्क फोर्स की शीर्ष समिति की पहली बैठक आयोजित हुई। बैठक में अनुसूचित क्षेत्रों में दोनों कानूनों के बेहतर समन्वय, ग्राम स्वशासन को मजबूत बनाने तथा आदिवासी क्षेत्रों के समग्र एवं सतत विकास के लिए रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पेसा कानून का प्रभावी क्रियान्वयन राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्राम सभाओं को अधिक अधिकार संपन्न बनाया जाए, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में स्थानीय समुदाय की भागीदारी बढ़ाई जाए तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में ठोस कार्य किए जाएं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की लगभग एक-तिहाई आबादी आदिवासी समाज से जुड़ी है। इसलिए उनकी परंपराओं, अधिकारों और विकास को ध्यान में रखते हुए पेसा कानून का प्रभावी एवं आदर्श मॉडल विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पेसा कानून स्थानीय संसाधनों के बेहतर प्रबंधन, ग्राम सभाओं की भूमिका को सशक्त करने, रोजगार के अवसर बढ़ाने और संतुलित विकास को गति देने का महत्वपूर्ण माध्यम है।
बैठक में मुख्यमंत्री ने वन अधिकार अधिनियम (FRA) और पेसा कानून (PESA) के बीच बेहतर समन्वय पर जोर देते हुए कहा कि दोनों कानूनों को एकीकृत दृष्टिकोण से लागू कर योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाया जाए। उन्होंने अधिकारियों को जनजागरूकता अभियान चलाकर लोगों तक सही जानकारी पहुंचाने और किसी भी प्रकार के भ्रम का तथ्यात्मक निराकरण करने के निर्देश भी दिए।
बैठक के दौरान छत्तीसगढ़ पंचायत उपबंध (अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्तार) नियम, 2022 के तहत पेसा कानून के क्रियान्वयन की समीक्षा की गई। साथ ही वन अधिकार अधिनियम, 2006 के अंतर्गत व्यक्तिगत एवं सामुदायिक दावों की स्थिति, सामुदायिक वन संसाधन अधिकार (CFRR) की मान्यता एवं प्रबंधन तथा वन ग्रामों को राजस्व ग्रामों में परिवर्तित करने की प्रक्रिया की भी विस्तृत समीक्षा की गई।
राज्य स्तरीय समिति करेगी नियमों का समन्वय
मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों द्वारा बनाए गए नियमों और प्रक्रियाओं में बेहतर समन्वय के लिए राज्य स्तरीय कार्ययोजना समिति गठित करने की घोषणा की। यह समिति संबंधित विभागों के मंत्रियों और सचिवों के साथ समयबद्ध कार्ययोजना तैयार करेगी तथा उसके प्रभावी क्रियान्वयन की निगरानी भी करेगी।इसके अलावा जिला स्तर पर पेसा कानून के प्रभावी क्रियान्वयन और ग्राम सभाओं के सशक्तीकरण के लिए जिला स्तरीय पेसा निगरानी समितियों को सक्रिय करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, वन मंत्री केदार कश्यप, आदिम जाति विकास मंत्री रामविचार नेताम, विधायक नीलकंठ नेताम, विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के विषय विशेषज्ञ, मुख्य सचिव, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी तथा संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।



