
विकास नंद/सर्वव्यापी

लोकतंत्र की रक्षा, संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा और देश में लोकतांत्रिक व्यवस्था को लेकर छत्तीसगढ़ लोक जागरण मंच के तत्वावधान में सोमवार को स्थानीय गीता भवन में ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में राजनीतिक, सामाजिक एवं व्यापारिक संगठनों से जुड़े प्रतिनिधियों, प्रबुद्धजनों और गणमान्य नागरिकों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। मुख्य वक्ता के रूप में छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा एवं पूर्व विधायक डॉ. विमल चोपड़ा ने समसामयिक राजनीतिक परिस्थितियों, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और संवैधानिक संस्थाओं की भूमिका पर अपने विचार रखे।कार्यक्रम का संचालन विधानसभा सरायपाली के कार्यक्रम प्रभारी स्वर्ण सिंह सलूजा ने किया। उन्होंने सर्वप्रथम डॉ. वर्णिका शर्मा को सारगर्भित उद्बोधन के लिए आमंत्रित किया।
SIR को लेकर कांग्रेस और इंडिया गठबंधन पर भ्रम फैलाने का आरोप
अपने संबोधन में डॉ. वर्णिका शर्मा ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को एक सतत प्रक्रिया बताते हुए कहा कि इसके तहत मतदाता सूची को शुद्ध और अद्यतन बनाने के लिए अपात्र प्रविष्टियों को हटाया जाता है। उन्होंने बताया कि एक से अधिक स्थानों पर नाम दर्ज होने, मृत्यु हो जाने तथा अन्यत्र स्थानांतरित हो चुके मतदाताओं के नाम हटाने की प्रक्रिया इसी पुनरीक्षण का हिस्सा है।डॉ. शर्मा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के सहयोगी दल SIR को लेकर जनता के सामने गलत तथ्य प्रस्तुत कर भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बेवजह विरोध प्रदर्शन कर बांग्लादेश जैसी परिस्थितियां निर्मित करने और देश में अराजकता फैलाने की कोशिश की जा रही है। देश की जनता इन गतिविधियों को देख और समझ रही है।उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि बार-बार चुनावी हार के बाद कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर आक्रामक रुख अपना रही है और जनता को भ्रमित करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। लोकतंत्र में जनता का जनादेश सर्वोपरि है और जनता द्वारा चुनी गई सरकार का सम्मान होना चाहिए। उन्होंने विश्वास जताया कि केंद्र सरकार देश में अशांति और अराजकता फैलाने के किसी भी प्रयास को सफल नहीं होने देगी।
संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने की कोशिश कर रही कांग्रेस : डॉ. विमल चोपड़ा
कार्यक्रम के दूसरे प्रमुख वक्ता पूर्व विधायक डॉ. विमल चोपड़ा ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल खड़े करना कांग्रेस की राजनीतिक कार्यशैली का हिस्सा बनता जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि वोट चोरी के नाम पर लगाए जा रहे आरोपों के माध्यम से देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बदनाम करने तथा देश में सत्ता परिवर्तन की असंवैधानिक कोशिश की जा रही है।डॉ. चोपड़ा ने कहा कि चुनाव आयोग पर उठाए जा रहे सवालों का जवाब संवैधानिक और न्यायिक प्रक्रिया के तहत दिया जाएगा। भाजपा इन आरोपों का जवाब जनता के बीच पहुंचकर दे रही है। उन्होंने कहा कि एक झूठ को सौ बार दोहराने पर वह सच जैसा दिखाई देने लगता है और कांग्रेस तथा इंडिया गठबंधन इसी रणनीति के तहत जनता के बीच भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहे हैं।उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस जनता का विश्वास खो चुकी है, जबकि देश की जनता को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार पर भरोसा है। लोकतंत्र में अंतिम निर्णय जनता का होता है और जनादेश ही सरकार की वैधता का आधार है।
राजनीतिक, सामाजिक और व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों की रही सहभागिता।
कार्यक्रम में पूर्व विधायक त्रिलोचन पटेल, जिला पंचायत सभापति कुमारी भास्कर, डॉ. भागेश्वर पटेल, विनोद जैन, किराना संघ अध्यक्ष नीरज अग्रवाल, प्रजापिता ब्रह्माकुमारी संस्था के सदस्य, व्यापारी महासंघ अध्यक्ष भोज अग्रवाल, सिख समाज के संरक्षक विपिन उबोवेजा, गौण ब्राह्मण समाज के संरक्षक संजय शर्मा, धर्मेंद्र चौधरी, मनोज आदित्य, गुंजन अग्रवाल, आदर्श गुप्ता, अख्तर मोहम्मद, शिवा जायसवाल, प्रमोद सागर, पुष्पलता चौहान, तारेस्वरी नायक सहित फुलझर डिफेंस एकेडमी के युवा एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।कार्यक्रम के अंत में जन्मजय नायक ने आभार प्रदर्शन करते हुए सभी अतिथियों, वक्ताओं एवं उपस्थित नागरिकों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया। आयोजन में लोकतंत्र, मतदाता सूची पुनरीक्षण, संवैधानिक संस्थाओं की भूमिका और देश की वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों को लेकर वक्ताओं ने अपने विचार साझा किए।


