
तरुण कौशिक, संपादक सर्वव्यापी

आचार्य विनोबा भावे द्वारा वर्ष 1934 में स्थापित ग्राम सेवा मंडल, गोपुरी में खादी उत्पादन के क्षेत्र में एक नए युग का सूत्रपात हुआ है। संस्था में देशी कपास के संशोधित बीजों से उत्पादित कपास से धागा बनाने के प्लांट ने कार्य प्रारंभ कर दिया है। इसके साथ ही संस्था महात्मा गांधी और आचार्य विनोबा भावे के विचारों के अनुरूप स्वदेशी एवं जैविक कपास से खादी वस्त्रों के निर्माण की दिशा में आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर हुई है।अब तक संस्था को खादी वस्त्रों के निर्माण के लिए बाहरी स्रोतों से जैविक कपास पर निर्भर रहना पड़ता था। स्थानीय स्तर पर देशी कपास से धागा निर्माण की प्रक्रिया शुरू होने से यह निर्भरता कम होगी और स्वदेशी कपास से खादी वस्त्र तैयार करने का मार्ग प्रशस्त होगा। यह पहल खादी की मूल अवधारणा, स्वदेशी भावना और आत्मनिर्भरता के विचार को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।आचार्य विनोबा भावे के विचारों से प्रेरित ग्राम सेवा मंडल ने अब खादी निर्माण की प्रक्रिया को एक ही परिसर में उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। कपास उत्पादन से लेकर धागा निर्माण, चरखे पर कताई, बुनाई, कपड़े की धुलाई, रंगाई, खादी वस्त्र निर्माण, प्राकृतिक रंगों के उपयोग, सिलाई, रेडीमेड वस्त्र तैयार करने और बिक्री तक की विभिन्न प्रक्रियाएं अब संस्था में एकीकृत रूप से संचालित की जा सकेंगी। कपास उत्पादन से जुड़ी जो कड़ी अब तक अधूरी थी, वह भी धागा निर्माण की शुरुआत के साथ पूरी हुई है।वर्धा के लिए यह गर्व का विषय है कि ग्राम सेवा मंडल, गोपुरी देशी एवं जैविक कपास से खादी वस्त्रों के उत्पादन की दिशा में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित कर रहा है। संस्था का उद्देश्य केवल खादी वस्त्रों का निर्माण करना नहीं, बल्कि स्वदेशी उत्पादन, प्राकृतिक संसाधनों के उपयोग और गांधी-विनोबा के विचारों पर आधारित आत्मनिर्भर व्यवस्था को मजबूत करना भी है। संस्था के ट्रस्टी एवं सचिव कौशल मिश्र का मानना है कि आपसी सहयोग तथा कार्यकर्ताओं की खादी के क्षेत्र में उत्तम उपलब्धजानकारी द्वारा ग्राम सेवा मंडल अपनी सम्पूर्णता को पालेगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं को समय-समय पर खादी वस्त्र से संबंधित जानकारियां देने केअध्यक्ष चिन्मय जी को धन्यवाद दिया।धागा निर्माण प्लांट के प्रारंभ होने के अवसर पर ग्राम सेवा मंडल के उपाध्यक्ष डॉ. तारक काटे, लेखक, समाजसेवी एवं ट्रस्टी रविंद्र रुक्मिणी पंढरीनाथ, उपाध्यक्ष सुनील फर्सुले, नरहरी, एकाउंटेंट सूरज करलुके, कार्यालय प्रमुख उमेश पोकले, प्लांट मैनेजर भीमराव बावनकर, वस्त्र विभाग की संयोजक पल्लवी साठवणे, निकिता, रामकृष्ण पेटकर, परमधाम प्रकाशन पवनार के किशन सुरकार, पाटील, राहुल प्रभाकर डाखोडे सहित संस्था के सभी कार्यकर्ता उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन नेहारे ने किया।



