
तरुण कौशिक, संपादक सर्वव्यापी
सोशल मीडिया का बढ़ता दायरा जितनी तेजी से लोगों को जोड़ रहा है, उतनी ही तेजी से साइबर अपराधियों को भी नए अवसर उपलब्ध करा रहा है। अब फेसबुक जैसे लोकप्रिय सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म शातिर ठगों के लिए वसूली का नया अड्डा बनते जा रहे हैं। ताजा मामला मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रमुख सचिव आईएएस सुबोध सिंह से जुड़ा है, जिनके नाम और तस्वीर का दुरुपयोग कर ठगों ने फेसबुक पर फर्जी आईडी बनाकर परिचितों से पैसों की मांग शुरू कर दी।जानकारी के अनुसार, साइबर ठग ने सोमवार को ही आईएएस सुबोध सिंह के नाम से फेसबुक पर एक फेक प्रोफाइल तैयार की। हैरानी की बात यह रही कि महज दो घंटे के भीतर इस फर्जी आईडी से 58 लोगों को मित्र बना लिया गया। इसके बाद परिचितों को मैसेज भेजकर पैसों की मांग की जाने लगी। समय रहते कुछ लोगों ने इसकी जानकारी सुबोध सिंह तक पहुंचाई, जिसके बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ।घटना की जानकारी मिलते ही आईएएस सुबोध सिंह ने तत्काल पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर साइबर अपराधियों की तलाश शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि ठग संगठित तरीके से सरकारी अधिकारियों और प्रतिष्ठित व्यक्तियों के नाम का दुरुपयोग कर लोगों को झांसे में लेने का प्रयास कर रहे हैं।यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि डिजिटल दुनिया में केवल प्रोफाइल फोटो और नाम देखकर किसी पर भरोसा करना भारी पड़ सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि सोशल मीडिया पर किसी भी परिचित के नाम से अचानक पैसों की मांग होने पर पहले फोन या अन्य माध्यम से उसकी पुष्टि अवश्य करनी चाहिए।प्रदेश में लगातार बढ़ते साइबर अपराधों के बीच यह मामला आम नागरिकों के साथ-साथ वरिष्ठ अधिकारियों के लिए भी चेतावनी है कि सोशल मीडिया पर पहचान की चोरी (Identity Theft) अब अपराधियों का नया हथियार बन चुकी है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध प्रोफाइल या पैसों की मांग की सूचना तत्काल साइबर पुलिस को दें और बिना सत्यापन के किसी भी खाते में राशि स्थानांतरित न करें।




