
विकास नंद/ सर्वव्यापी
लगातार बारिश और तूफान से क्षतिग्रस्त सड़कों, पुल-पुलियों की मरम्मत को लेकर लोक निर्माण विभाग ने तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी है। उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि क्षतिग्रस्त मार्गों और पुल-पुलियों की मरम्मत में किसी भी तरह की देरी न हो तथा प्रदेश में कहीं भी आवागमन बाधित नहीं होना चाहिए।उप मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद लोक निर्माण विभाग अलर्ट मोड पर है। विभाग के प्रमुख अभियंता ने मुख्य अभियंता से लेकर अधीक्षण अभियंता, कार्यपालन अभियंता, अनुविभागीय अधिकारी और उप अभियंता स्तर तक के मैदानी अमले को क्षतिग्रस्त सड़कों और पुल-पुलियों का तत्काल निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
ठेकेदारों को तत्काल काम पर लगाने के निर्देश
जहां सड़क या पुल-पुलिया की क्षति मौजूदा अनुबंध के दायरे में है, वहां संबंधित एजेंसी और ठेकेदार से बिना समय गंवाए मरम्मत कराने को कहा गया है, ताकि यातायात जल्द बहाल किया जा सके। वहीं अधिक क्षति वाले हिस्सों में पुनर्निर्माण अथवा विशेष मरम्मत के लिए प्राक्कलन तैयार कर 10 दिनों के भीतर प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।विभाग ने स्पष्ट किया है कि विशेष मरम्मत के लिए पर्याप्त राशि उपलब्ध कराई जाएगी। प्रत्येक सक्षम अधिकारी को सड़कों और पुलों के सुधार के लिए 15 दिनों के भीतर एस/आर (एफडीआर) की स्वीकृति प्राथमिकता से जारी करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
फोटो-वीडियो से होगा नुकसान का आकलन
बारिश से हुई क्षति का वास्तविक आकलन करने के लिए विभागीय अधिकारियों को क्षतिग्रस्त सड़कों, पुलों और पुल-पुलियों की फोटोग्राफी एवं वीडियोग्राफी कराने को कहा गया है। नुकसान का तत्काल आकलन कर संभावित लागत की जानकारी संबंधित स्तर पर भेजी जाएगी।लोक निर्माण विभाग ने निर्देश दिए हैं कि एफडीआर से क्षतिग्रस्त मार्गों की मरम्मत केवल अस्थायी रूप से न की जाए, बल्कि आवश्यकता के अनुसार स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए टो-वॉल और कांक्रीट रोड निर्माण के प्रस्ताव भी तैयार किए जाएंगे।
पुलों की रेलिंग और वियरिंग कांक्रीट भी दुरुस्त होंगे
बाढ़ और तेज बारिश से प्रभावित पुल-पुलियों के वियरिंग कांक्रीट, रेलिंग तथा अन्य क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत भी प्राथमिकता से कराने के निर्देश दिए गए हैं। संभागों को आवश्यकता के अनुसार एस/आर मद में जोनल एजेंसी निर्धारित करने की जरूरत होने पर इसकी जानकारी तत्काल प्रमुख अभियंता कार्यालय को देने को कहा गया है।प्रदेश में 24 से 26 सितंबर तक हुई लगातार बारिश के कारण अनेक नदी-नालों में बाढ़ की स्थिति बनी और कई स्थानों पर पुल-पुलियों के ऊपर से पानी बहा। पानी उतरने के बाद सामने आ रही क्षति को देखते हुए लोक निर्माण विभाग ने मैदानी अमले को पूरी सक्रियता के साथ काम करने के निर्देश दिए हैं।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव के निर्देश के बाद विभाग का मुख्य फोकस बारिश और तूफान से प्रभावित सड़कों तथा पुल-पुलियों को जल्द सुरक्षित और आवागमन योग्य बनाने पर है, ताकि प्रदेश में आम लोगों की आवाजाही किसी भी स्तर पर प्रभावित न हो।




