
विकास नंद/सर्वव्यापी

सार्वजनिक वितरण प्रणाली में पारदर्शिता और पात्र हितग्राहियों तक राशन पहुंचाने के दावों के बीच सरायपाली नगर पालिका के वार्ड क्रमांक 09 से राशन वितरण व्यवस्था को लेकर गंभीर शिकायत सामने आई है। वार्ड के राशन कार्डधारी हितग्राहियों ने उचित मूल्य दुकान के सेल्समैन जतिन देहरी पर आरोप लगाया है कि सितंबर 2026 के राशन वितरण के दौरान हितग्राहियों से ई-पॉस मशीन में अंगूठा लगवाकर एंट्री तो कर दी गई, लेकिन पात्रता के अनुसार पूरा राशन उपलब्ध नहीं कराया गया।हितग्राहियों ने मुख्यमंत्री के नाम सामूहिक शिकायत सौंपते हुए पूरे मामले की जांच और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की मांग की है।‘अभी एंट्री कर रहा हूं, अगले महीने दूंगा’—शिकायत में आरोपशिकायतकर्ताओं का कहना है कि राशन लेने पहुंचे हितग्राहियों से ई-पॉस मशीन में अंगूठा लगवाया गया। इसके बाद जब निर्धारित मात्रा में राशन मांगा गया तो कथित रूप से टाल-मटोल की गई।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि विरोध करने पर सेल्समैन की ओर से कहा गया कि “अभी एंट्री कर रहा हूं, अगले महीने पूरा राशन दूंगा।”हितग्राहियों का सवाल है कि यदि ई-पॉस मशीन में राशन वितरण की एंट्री पूरी कर दी गई, तो वास्तविक रूप से हितग्राही को निर्धारित राशन क्यों नहीं दिया गया? यदि मशीन में वितरण दर्ज है, तो स्टॉक में उसकी स्थिति क्या है? इन्हीं सवालों को लेकर अब जांच की मांग उठी है।
ई-पॉस, स्टॉक रजिस्टर और वास्तविक वितरण का हो मिलान
हितग्राहियों ने मांग की है कि मामले की जांच केवल शिकायत के आधार पर नहीं, बल्कि ई-पॉस मशीन की पूरी एंट्री, दुकान के स्टॉक रजिस्टर, आवंटित राशन और वास्तविक वितरण का मिलान कर कराई जाए। साथ ही संबंधित माह में जिन-जिन हितग्राहियों के अंगूठे लगाकर राशन वितरण दर्ज किया गया है, उनसे वास्तविक रूप से कितना राशन मिला, इसकी भी पुष्टि की जाए।
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए और जिन हितग्राहियों को उनका निर्धारित राशन नहीं मिला है, उन्हें राशन उपलब्ध कराया जाए।
मुख्यमंत्री से लेकर खाद्य विभाग तक पहुंची शिकायत
मामले की गंभीरता को देखते हुए हितग्राहियों ने मुख्यमंत्री को सामूहिक शिकायत भेजी है। इसकी प्रतिलिपि एसडीएम सरायपाली, खाद्य अधिकारी महासमुंद और तहसीलदार सरायपाली को भी दी गई है।अब सवाल यह है कि ई-पॉस मशीन में दर्ज आंकड़े और दुकान के वास्तविक स्टॉक में कितना मेल है? शिकायत के बाद होने वाली जांच से ही यह स्पष्ट होगा। हितग्राहियों ने उम्मीद जताई है कि जांच निष्पक्ष रूप से कराकर सार्वजनिक वितरण प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी।



