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आयुर्वेद दिवस पर महासमुंद में स्वास्थ्य और योग का संदेश, नागरिकों ने उठाया आयुष सेवाओं का लाभ।

विकास नंद/ सर्वव्यापी

11वें आयुर्वेद दिवस एवं सेवा संकल्प अभियान के अवसर पर संचालनालय आयुष, छत्तीसगढ़ के निर्देशानुसार जिले के पांचों विकासखंडों में आयुष स्वास्थ्य मेले और छह नगरीय निकायों में योग अभ्यास का आयोजन किया गया। स्वास्थ्य मेले में कुल 1484 नागरिक लाभान्वित हुए, जबकि योग अभ्यास में 530 नागरिकों ने सहभागिता की।

महासमुंद विकासखंड के ग्राम खैरा स्थित शासकीय आयुष पॉलीक्लिनिक परिसर में आयोजित विकासखंड स्तरीय आयुष स्वास्थ्य मेले का शुभारंभ छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम के अध्यक्ष चंद्रहास चंद्राकर, स्काउट्स एवं गाइड्स के जिला अध्यक्ष ऐतराम साहू, ग्राम पंचायत खैरा के सरपंच प्रांसू चंद्राकर, पार्षद महेंद्र जैन, पूर्व पार्षद मनीष शर्मा तथा भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी के प्रांतीय प्रतिनिधि एवं जिला रेड क्रॉस अधिकारी अशोक गिरी गोस्वामी की उपस्थिति में भगवान धन्वंतरि की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित एवं दीप प्रज्वलित कर किया गया।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए चंद्रहास चंद्राकर ने स्वस्थ एवं विकसित भारत की संकल्पना को साकार करने में आयुर्वेद की भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने स्वदेशी उत्पादों के उपयोग और भारतीय संस्कारों को दैनिक जीवन में अपनाने की बात कही। वहीं ऐतराम साहू ने आयुर्वेद की प्राचीन परंपरा और सार्वभौमिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए इसे भारतीय जनमानस की मूल चेतना का अभिन्न हिस्सा बताया।कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के नोडल अधिकारी डॉ. सर्वेश दूबे ने किया। उन्होंने आयुर्वेद दिवस की प्रासंगिकता, स्वास्थ्य संरक्षण के आयुर्वेदिक सिद्धांतों तथा वर्तमान समय में स्वस्थ जीवनशैली की आवश्यकता पर जानकारी दी।

पांचों विकासखंडों में 1484 नागरिक हुए लाभान्वित

जिले में आयोजित आयुष स्वास्थ्य मेलों में महासमुंद विकासखंड के शासकीय आयुष पॉलीक्लिनिक में 335, बागबाहरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 327, लक्ष्मीपुर पिथौरा में 365, ग्राम उमरिया बसना में 425 तथा ग्राम फुटका सरायपाली में 32 नागरिकों ने स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लिया।मेले में आयुर्वेद, होम्योपैथी, यूनानी एवं योग के माध्यम से स्वास्थ्य परामर्श और चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई गईं। इसके साथ ही ब्लड शुगर जांच और नेत्र परीक्षण जैसी आवश्यक स्वास्थ्य जांच भी की गई।महासमुंद शिविर में आयुर्वेद चिकित्सा से 248, यूनानी चिकित्सा से 30 और होम्योपैथी चिकित्सा से 57 नागरिक लाभान्वित हुए। वहीं 30 लोगों की ब्लड शुगर जांच, 12 लोगों का नेत्र परीक्षण किया गया तथा 200 लोगों को काढ़ा वितरित किया गया।

योगाभ्यास में 530 नागरिकों की सहभागिता

सेवा संकल्प अभियान के तहत छह नगरीय निकायों में योग अभ्यास का आयोजन किया गया, जिसमें कुल 530 नागरिक शामिल हुए। योग एवं नृत्य की प्रस्तुतियों के माध्यम से नियमित शारीरिक गतिविधि, योग, संतुलित दिनचर्या और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया गया। खैरा में आयोजित योगाभ्यास में भी 70 से अधिक लोगों ने भाग लिया।इस अवसर पर डॉ. सर्वेश दूबे ने ‘लाइफस्टाइल मैनेजमेंट एवं स्वस्थ जीवनशैली’ विषय पर विशेष उद्बोधन दिया। उन्होंने कहा कि अनियमित खान-पान, शारीरिक निष्क्रियता, अत्यधिक तनाव, अनियमित दिनचर्या और नींद की कमी स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है। संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, योग, पर्याप्त नींद और उचित दिनचर्या को स्वस्थ जीवन के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए उन्होंने आयुर्वेद के स्वास्थ्य संरक्षण संबंधी सिद्धांतों को दैनिक जीवन में अपनाने पर जोर दिया।उन्होंने कहा कि आयुर्वेद का उद्देश्य केवल रोग का उपचार करना ही नहीं, बल्कि स्वस्थ व्यक्ति के स्वास्थ्य की रक्षा करना और रोगी के रोग का प्रशमन करना भी है।

शिविर में प्रभारी जिला आयुर्वेद अधिकारी डॉ. यशवंत चंद्राकर, शिविर प्रभारी डॉ. रमाकांत वैश्य, डॉ. नेहा विक्टर, डॉ. सर्वेश दूबे, डॉ. माधवी कुशवाहा, डॉ. पुष्पा साहू, डॉ. चंद्रजीत साहू, डॉ. नमिता, डॉ. किरण उईके और डॉ. खैरुन्निशा सहित चिकित्सक, फार्मासिस्ट, स्वास्थ्यकर्मी, जीएनएम ट्रेनिंग सेंटर के शिक्षक एवं छात्र-छात्राएं तथा अन्य अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।

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