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अवैध क्लीनिक और बिना मान्यता प्राप्त स्कूलों पर कार्रवाई के निर्देश, लंबे समय से अनुपस्थित शिक्षकों पर भी होगी विभागीय कार्रवाई : सांसद रूपकुमारी चौधरी।

विकास नंद/ सर्वव्यापी

जिला विकास समन्वय एवं मूल्यांकन समिति (दिशा) की बैठक बुधवार को जिला पंचायत महासमुंद के सभा कक्ष में आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता महासमुंद लोकसभा क्षेत्र की सांसद रूपकुमारी चौधरी ने की। बैठक में जिले में संचालित केंद्र प्रायोजित योजनाओं की प्रगति, उनके क्रियान्वयन की स्थिति तथा विभिन्न जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की विस्तार से समीक्षा की गई।

बैठक में महासमुंद विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा, बसना विधायक संपत अग्रवाल, जिला पंचायत अध्यक्ष मोंगरा पटेल, जनपद पंचायतों एवं नगरीय निकायों के अध्यक्ष-प्रतिनिधि एवं सदस्य, कलेक्टर विनय कुमार लंगेह, जिला पंचायत सीईओ अनुपमा आनंद, अपर कलेक्टर रवि साहू सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

अवैध क्लीनिकों पर कार्रवाई के निर्देश

सांसद रूपकुमारी चौधरी ने विभागीय अधिकारियों द्वारा प्रस्तुत प्रगति प्रतिवेदनों की समीक्षा करते हुए कहा कि विकास कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित की जाए। योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही या विलंब स्वीकार नहीं किया जाएगा।उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को बिना मान्यता के संचालित अवैध क्लीनिकों के विरुद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अवैध क्लीनिक पाए जाने पर उन्हें सील करने की कार्रवाई की जाए। जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

बिना मान्यता प्राप्त स्कूलों पर भी हो कार्रवाई

सांसद ने शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान बिना मान्यता प्राप्त संचालित हो रहे स्कूलों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बच्चों की शिक्षा और सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। बिना मान्यता के संचालित संस्थानों की जानकारी जुटाकर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।उन्होंने लंबे समय से अनुपस्थित शिक्षकों के मामलों में विभागीय जांच कर नियमानुसार कार्रवाई शुरू करने के निर्देश भी दिए।

सामुदायिक शौचालयों की नियमित साफ-सफाई और उपयोग सुनिश्चित करें

सांसद ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का अधिकतम लाभ पात्र नागरिकों तक पहुंचाना जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने वीबी-जीरामजी योजना के अंतर्गत अधिक से अधिक मानव दिवस सृजित करने, मुक्तिधाम एवं पीडीएस भवनों के लिए आवश्यक स्वीकृति प्रदान करने तथा मजदूरों का भुगतान 15 दिवस के भीतर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।सामुदायिक शौचालयों की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि शौचालय नियमित रूप से खुले रहें और उनकी साफ-सफाई के साथ उपयोग भी सुनिश्चित किया जाए। जिले में 495 सामुदायिक शौचालय हैं। इनके संचालन एवं निगरानी के लिए डिजिटल एप तैयार कर नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए गए।

स्वामित्व योजना के पट्टों का शिविर लगाकर वितरण

स्वामित्व योजना की समीक्षा में बताया गया कि जिले में 78 हजार के लक्ष्य के विरुद्ध 76 हजार 821 पट्टे तैयार किए जा चुके हैं, जिनमें से 71 हजार 675 पट्टों का वितरण किया जा चुका है। सांसद ने शेष पट्टों का वितरण शिविर लगाकर करने के निर्देश दिए।उन्होंने पशुपालन विभाग को अधिक से अधिक हितग्राहियों को उन्नत नस्ल की गाय एवं बकरी उपलब्ध कराने तथा सड़कों पर विचरण करने वाले आवारा पशुओं की रोकथाम के लिए प्रभावी कार्रवाई करने कहा।

बेलसोंडा-साराडीह मार्ग की मरम्मत के निर्देश

महासमुंद विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा ने महिला एवं बाल विकास विभाग की स्पॉन्सरशिप योजना का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार करने तथा मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना में पात्र हितग्राहियों के चयन में जनप्रतिनिधियों का सहयोग लेने की बात कही।उन्होंने वर्तमान मौसम को देखते हुए गड्ढायुक्त एवं क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत तत्काल कराने के निर्देश दिए। विशेष रूप से बेलसोंडा से साराडीह मार्ग की मरम्मत की आवश्यकता की ओर अधिकारियों का ध्यान आकर्षित किया।बसना विधायक संपत अग्रवाल ने क्षेत्रीय समस्याओं एवं शिकायतों से समिति को अवगत कराते हुए उनके त्वरित निराकरण की बात कही।

योजनाओं के नाम पर अतिरिक्त राशि मांगने वालों पर एफआईआर

बैठक में सांसद ने ग्रामीण विकास, पंचायती राज, जल जीवन मिशन, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, पशुपालन तथा महिला एवं बाल विकास सहित विभिन्न विभागों की योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की।

कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने महात्मा गांधी नरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना, शौचालय, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना सहित अन्य योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि शासन की किसी भी योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए किसी नागरिक या हितग्राही को अतिरिक्त राशि देने की आवश्यकता नहीं है। यदि कोई व्यक्ति योजनाओं के नाम पर अतिरिक्त राशि की मांग करता है तो उसके विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई की जाए।

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