
तरुण कौशिक, संपादक सर्वव्यापी
प्रधानमंत्री के आह्वान पर चलाए जा रहे “एक पेड़ मां के नाम” अभियान को गौरेला–पेंड्रा–मरवाही जिले में जनआंदोलन का स्वरूप देने की दिशा में वन विभाग लगातार सक्रिय है। इस अभियान की सफलता के लिए वन मंडलाधिकारी ग्रीष्मी चांद के नेतृत्व में पूरे जिले में व्यापक स्तर पर पौधों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है, ताकि कोई भी व्यक्ति केवल पौधों की कमी के कारण वृक्षारोपण से वंचित न रहे।वन विभाग द्वारा विभिन्न नर्सरियों में बड़ी संख्या में छायादार, फलदार एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए उपयोगी पौधों की व्यवस्था की गई है। विभाग का उद्देश्य केवल पौधे वितरित करना नहीं, बल्कि लोगों में प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी और अपनी मां के सम्मान में एक पौधा लगाने की भावना को मजबूत करना भी है।
वन मंडलाधिकारी ग्रीष्मी चांद का मानना है कि यदि प्रत्येक नागरिक अपनी मां के नाम एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल का संकल्प ले, तो आने वाले वर्षों में पूरा जिला हरियाली की नई पहचान बन सकता है। इसी सोच के साथ वन विभाग विभिन्न शासकीय संस्थानों, विद्यालयों, सामाजिक संगठनों तथा आम नागरिकों को इस अभियान से जोड़ने के लिए लगातार प्रयासरत है।वन विभाग की टीम जिले के विभिन्न क्षेत्रों में पौधों की उपलब्धता, वितरण और वृक्षारोपण कार्यक्रमों की तैयारियों पर लगातार निगरानी रख रही है।
अधिकारियों का कहना है कि पौधे लगाने के साथ-साथ उनका संरक्षण भी अभियान की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है, क्योंकि वृक्ष तभी पर्यावरण और आने वाली पीढ़ियों के लिए अमूल्य धरोहर बनेंगे जब वे सुरक्षित रहकर विकसित होंगे।पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों और हरित भविष्य की आवश्यकता को देखते हुए “एक पेड़ मां के नाम” अभियान जिले में जनभागीदारी का सशक्त माध्यम बनता दिखाई दे रहा है।
वन विभाग की तैयारियों से यह उम्मीद मजबूत हुई है कि इस वर्ष गौरेला–पेंड्रा–मरवाही जिले में रिकॉर्ड स्तर पर वृक्षारोपण होगा और हर लगाया गया पौधा अपनी मां के प्रति सम्मान के साथ-साथ प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी का भी प्रतीक बनेगा।




