
विकास नंद/ सर्वव्यापी

सेवा, समर्पण, सुशासन और जनभागीदारी की भावना को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से राष्ट्रव्यापी सेवा संकल्प अभियान के तहत महासमुंद जिले में गुरुवार को ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। शाम 7 बजे जिलेभर में एक साथ करीब 6 लाख दीप प्रज्ज्वलित किए गए। शहर से लेकर गांवों तक दीपों की रोशनी के बीच नागरिकों ने सेवा, जनकल्याण और सामाजिक सहभागिता का सामूहिक संकल्प लिया।जिला मुख्यालय महासमुंद के अटल परिसर में मुख्य आयोजन हुआ, जहां करीब 8 हजार दीपों से परिसर जगमगा उठा। कार्यक्रम की शुरुआत शहीद वीर नारायण सिंह और भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा पर माल्यार्पण से हुई। इसके बाद अतिथियों और उपस्थित नागरिकों ने दीप प्रज्ज्वलित किए। शहर के विभिन्न चौक-चौराहों पर भी दीप जलाए गए।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में महासमुंद सांसद रूपकुमारी चौधरी शामिल हुईं। उनके साथ छत्तीसगढ़ राज्य बीज विकास निगम अध्यक्ष चंद्रहास चंद्राकर, पूर्व राज्य मंत्री पूनम चंद्राकर, पूर्व विधायक डॉ. विमल चोपड़ा, जिला पंचायत अध्यक्ष मोगरा पटेल, जिला स्काउट एवं गाइड संघ अध्यक्ष ऐतराम साहू, छत्तीसगढ़ राज्य स्काउट गाइड के मुख्य आयुक्त इंद्रजीत सिंह खालसा, पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष पवन पटेल, नगरपालिका उपाध्यक्ष देवीचंद राठी, जनपद उपाध्यक्ष हुलसी चंद्राकर, भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी सभापति संदीप दीवान सहित जनप्रतिनिधि, स्व-सहायता समूहों की महिलाएं और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
रूपकुमारी चौधरी ने कहा—दीप सेवा और जनभागीदारी के प्रतीक
सांसद रूपकुमारी चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 25 वर्षों की सार्वजनिक सेवा यात्रा जनसेवा, सुशासन और राष्ट्र निर्माण के संकल्प की यात्रा है। उन्होंने कहा कि गरीब, किसान, युवा और महिलाओं सहित समाज के विभिन्न वर्गों के कल्याण को प्राथमिकता देते हुए अनेक योजनाएं और पहल संचालित की जा रही हैं।उन्होंने महिला सशक्तिकरण का उल्लेख करते हुए कहा कि लखपति दीदी और ड्रोन दीदी जैसी पहल ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और आधुनिक तकनीक से जोड़ने का माध्यम बन रही हैं। उन्होंने कहा कि महासमुंद जिले में एक साथ प्रज्ज्वलित किए गए दीप सेवा, समर्पण, आशा और संकल्प के प्रतीक हैं। सांसद चौधरी ने कहा कि जब शासन की योजनाओं और विकास कार्यों के साथ समाज की सक्रिय भागीदारी जुड़ती है, तो विकास व्यापक जनसहभागिता का रूप लेता है। उन्होंने नागरिकों से जरूरतमंदों की सहायता, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, शिक्षा और जनकल्याण के कार्यों में सक्रिय सहभागिता की अपील की।जिले के पांचों विकासखंडों में लाखों दीपों से रोशन हुए गांव‘आशीर्वाद का दीया’ अभियान के तहत जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में भी व्यापक सहभागिता देखने को मिली।

विकासखंड महासमुंद में करीब 1 लाख 5 हजार, बसना में 1 लाख 2 हजार, पिथौरा में 1 लाख 26 हजार, बागबाहरा में 1 लाख 11 हजार तथा सरायपाली में 1 लाख 7 हजार दीप प्रज्ज्वलित किए गए। इस तरह ग्रामीण क्षेत्रों में लगभग 5 लाख 51 हजार दीप जलाए गए।नगरीय क्षेत्रों में भी विभिन्न स्थानों पर दीप प्रज्ज्वलित किए गए। महासमुंद शहर में रेलवे स्टेशन, अस्पताल, अंबेडकर चौक और दीनदयाल उपाध्याय चौक खैरा में एक-एक हजार दीप जलाए गए। वहीं बसना, पिथौरा, तुमगांव और सरायपाली सहित विभिन्न स्थानों पर भी बड़ी संख्या में दीप प्रज्ज्वलित किए गए।
पंचायत भवन से प्रधानमंत्री आवास तक दीपों की रोशनी
ग्रामीण क्षेत्रों में शासकीय प्रतिष्ठानों, प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के आवास, अमृत सरोवर, पंचायत भवन, पीडीएस भवन और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर दीप जलाए गए। अनेक नागरिकों ने अपने घरों और आसपास के सार्वजनिक स्थलों पर भी दीप प्रज्ज्वलित कर अभियान में सहभागिता निभाई।आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, स्व-सहायता समूहों की महिलाओं, शासकीय कर्मचारियों, जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की सहभागिता से आयोजन को व्यापक जनभागीदारी का स्वरूप मिला।
सेवा, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश
जिला स्काउट एवं गाइड संघ अध्यक्ष ऐतराम साहू ने अभियान से जुड़ी 12 पहलों की जानकारी देते हुए कहा कि ‘आशीर्वाद का दीया’ सेवा, अनुशासन, समर्पण और जनभागीदारी की भावना को मजबूत करने वाला आयोजन है। उन्होंने युवाओं और विद्यार्थियों में सेवा, सहयोग, नेतृत्व और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करने पर जोर दिया।
छत्तीसगढ़ राज्य बीज विकास निगम अध्यक्ष चंद्रहास चंद्राकर ने भी कार्यक्रम को जिलेवासियों के सामूहिक संकल्प और जनभागीदारी का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का व्यापक लाभ समाज की सक्रिय भागीदारी से और प्रभावी ढंग से लोगों तक पहुंच सकता है।शाम 7 बजे एक साथ जलाए गए लाखों दीपों से महासमुंद जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्र रोशनी से नहा उठे। ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम ने सेवा, सुशासन, जनभागीदारी और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश जिलेभर में प्रसारित किया।



