
नूर मोहम्मद, जिला ब्यूरो चीफ (सर्वव्यापी)

जिले में युवाओं को रोजगार परक प्रशिक्षण देने वाले संस्थानों की वास्तविक स्थिति जानने गुरुवार को कलेक्टर विजय दयाराम के. स्वयं मैदान में उतरे। उन्होंने जिला लाइवलीहुड कॉलेज के साथ शासकीय आईटीआई गौरेला एवं पेंड्रा का औचक निरीक्षण कर प्रशिक्षण की गुणवत्ता, विद्यार्थियों की उपस्थिति, प्रवेश की स्थिति और रोजगार से जुड़ी तैयारियों की गहन समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान सामने आया कि दोनों आईटीआई में अभी भी 134 सीटें खाली हैं, जिस पर कलेक्टर ने चिंता जताते हुए शीघ्र प्रवेश बढ़ाने के निर्देश दिए।
लाइवलीहुड कॉलेज में कलेक्टर ने जल जीवन मिशन एवं जनरल ड्यूटी असिस्टेंट प्रशिक्षण बैचों का निरीक्षण किया। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों से सीधे संवाद कर पाठ्यक्रम, रोजगार की संभावनाओं और सीखे जा रहे कौशल की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि केवल प्रमाणपत्र नहीं, बल्कि दक्षता ही युवाओं को रोजगार दिला सकती है।
इसी दौरान जल जीवन मिशन के प्रशिक्षणार्थियों को यूनिफॉर्म भी वितरित की गई।इसके बाद आईटीआई गौरेला और पेंड्रा में कलेक्टर ने विभिन्न ट्रेडों की कार्यशालाओं का निरीक्षण किया। फिटर ट्रेड की प्रायोगिक लैब में छात्र-छात्राओं से ब्लेड फिटिंग, फाइलिंग और धातु कटिंग जैसे कार्य कराकर उनकी तकनीकी दक्षता परखी।
आईटीआई पेंड्रा में अपेक्षाकृत कम उपस्थिति मिलने पर उन्होंने अधिकारियों को नियमित मॉनिटरिंग कर विद्यार्थियों की उपस्थिति बढ़ाने के निर्देश दिए।निरीक्षण के दौरान आगामी जिला स्तरीय प्रवेश उत्सव की तैयारियों की भी समीक्षा की गई।
कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि जिले का कोई भी इच्छुक युवा कौशल प्रशिक्षण से वंचित नहीं रहना चाहिए। इसके लिए व्यापक प्रचार-प्रसार कर रिक्त सीटों पर शीघ्र प्रवेश सुनिश्चित किया जाए।
मुख्य बातें
आईटीआई गौरेला :- 292 सीटें स्वीकृत, 200 प्रवेश, 92 सीटें रिक्तआईटीआई पेंड्रा :- 136 सीटें स्वीकृत, 94 प्रवेश, 42 सीटें रिक्तदोनों संस्थानों में कुल 134 सीटें अभी भी खालीआईटीआई पेंड्रा में प्रवेश प्रतिशत : 69%रिक्त सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया जारी।निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मुकेश रावटे, डिप्टी कलेक्टर एवं लाइवलीहुड कॉलेज की प्रभारी सहायक संचालक आकांक्षा पांडेय सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।




