
तरुण कौशिक, संपादक सर्वव्यापी
समाज की समस्याओं को अपनी कलम और कैमरे के माध्यम से सामने लाने वाले पत्रकारों के स्वास्थ्य और उनके परिवारों की सुरक्षा को लेकर बिलासपुर प्रेस क्लब ने एक ऐसी पहल की है, जो पत्रकार कल्याण के क्षेत्र में एक नई मिसाल बन सकती है।लंबे समय से पत्रकारों के बीच यह सवाल उठता रहा है कि जब पत्रकार दिन-रात समाज के हर वर्ग की समस्याओं को सामने लाने का काम करते हैं, तब उनके स्वयं के स्वास्थ्य संकट के समय कोई मजबूत व्यवस्था क्यों नहीं होती। गंभीर बीमारी, आकस्मिक चिकित्सा खर्च और महंगे इलाज की चुनौती से गुजरने वाले पत्रकारों और उनके परिवारों को अब तक व्यक्तिगत स्तर पर संघर्ष करना पड़ता था।इसी समस्या को गंभीरता से लेते हुए बिलासपुर प्रेस क्लब अध्यक्ष अजीत मिश्रा ने पत्रकारों और उनके परिवारों के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में ठोस पहल शुरू की। इस पहल का पहला बड़ा परिणाम सामने आया है—बिलासपुर प्रेस क्लब और अपोलो हॉस्पिटल के बीच महत्वपूर्ण एमओयू (समझौता ज्ञापन) पर हस्ताक्षर।एमओयू के बाद पत्रकारों को मिलेगी बड़ी राहतइस समझौते के बाद प्रेस क्लब से जुड़े पत्रकारों और उनके परिवारों को अपोलो हॉस्पिटल में उपचार संबंधी सुविधाएं रियायती दरों पर उपलब्ध कराने का रास्ता साफ हो गया है।यह पहल इसलिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि पत्रकारिता क्षेत्र में काम करने वाले अधिकांश पत्रकार सीमित संसाधनों के बीच अपनी जिम्मेदारियां निभाते हैं। कई बार परिवार में बीमारी की स्थिति आने पर इलाज का खर्च उनके लिए बड़ी आर्थिक चुनौती बन जाता है।अब इस व्यवस्था से पत्रकारों को बेहतर चिकित्सा सुविधा तक आसान पहुंच मिलेगी और आर्थिक दबाव कुछ हद तक कम होगा।जांच के दायरे में आया पत्रकारों का स्वास्थ्य संकटखोजी नजरिए से देखें तो पत्रकारों की कार्यशैली हमेशा चुनौतीपूर्ण रही है। अनियमित दिनचर्या, लगातार तनाव, फील्ड रिपोर्टिंग, समय की पाबंदी और जोखिम भरे हालातों में काम करने के बावजूद स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर अब तक कोई व्यापक व्यवस्था नहीं बन सकी थी।प्रेस क्लब की यह पहल इसी लंबे समय से चली आ रही कमी को दूर करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।अब मेगा हेल्थ कैंप से होगी स्वास्थ्य जांचएमओयू के बाद प्रेस क्लब और अपोलो प्रबंधन की ओर से पत्रकारों एवं उनके परिजनों के लिए मेगा हेल्थ कैंप आयोजित करने की तैयारी शुरू कर दी गई है।इस स्वास्थ्य शिविर में सामान्य स्वास्थ्य जांच के साथ विशेषज्ञ चिकित्सकों की सलाह उपलब्ध कराने की योजना है, ताकि गंभीर बीमारियों का समय रहते पता लगाया जा सके।स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार नियमित जांच किसी भी बीमारी को शुरुआती स्तर पर पहचानने में मदद करती है। ऐसे में पत्रकार समुदाय के लिए यह शिविर काफी उपयोगी साबित हो सकता है।कॉर्पोरेट हेल्थ इंश्योरेंस: भविष्य की बड़ी सुरक्षा योजनापत्रकारों के स्वास्थ्य हित में प्रेस क्लब अब कॉर्पोरेट हेल्थ इंश्योरेंस की दिशा में भी आगे बढ़ रहा है। बीमा कंपनियों से बातचीत अंतिम चरण में पहुंच चुकी है।यदि यह योजना मूर्त रूप लेती है तो पत्रकारों के साथ उनके परिवारों को भी स्वास्थ्य बीमा सुरक्षा का लाभ मिलेगा। इससे अचानक आने वाले बड़े चिकित्सा खर्च से परिवारों को आर्थिक सुरक्षा मिल सकेगी।अजीत मिश्रा के कार्यकाल की अहम उपलब्धिपत्रकार हितों से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय रहने वाले प्रेस क्लब अध्यक्ष अजीत मिश्रा के कार्यकाल में स्वास्थ्य सुविधा की यह पहल एक बड़ी उपलब्धि के रूप में सामने आई है।बताया जा रहा है कि इस व्यवस्था को लागू कराने के लिए प्रेस क्लब प्रबंधन और अपोलो प्रबंधन के बीच लंबे समय से चर्चा चल रही थी। लगातार प्रयासों के बाद अब यह प्रयास एमओयू के रूप में जमीन पर उतर सका है।पत्रकार कल्याण की दिशा में नया मॉडलबिलासपुर प्रेस क्लब की यह पहल केवल एक स्वास्थ्य सुविधा समझौता नहीं, बल्कि पत्रकार कल्याण की सोच में बदलाव का संकेत है।अब तक पत्रकारों की भूमिका केवल समाज की समस्याओं को उठाने तक सीमित मानी जाती रही है, लेकिन इस पहल ने यह संदेश दिया है कि पत्रकारों के जीवन, स्वास्थ्य और परिवार की सुरक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।यदि यह मॉडल सफल होता है तो आने वाले समय में प्रदेश के अन्य प्रेस क्लब भी इसी दिशा में कदम बढ़ा सकते हैं।एमओयू के दौरान ये रहे उपस्थितअपोलो हॉस्पिटल के एचआर विभाग में आयोजित एमओयू कार्यक्रम के दौरान बिलासपुर प्रेस क्लब अध्यक्ष अजीत मिश्रा, उपाध्यक्ष विजय क्रांति तिवारी, पूर्व अध्यक्ष तिलक राज सलूजा, वरिष्ठ पत्रकार शादाब खान एवं सैय्यद जफर सहित अन्य लोग मौजूद रहे।यह पहल बताती है कि पत्रकार समाज की आवाज बनने के साथ-साथ अब अपने स्वास्थ्य अधिकारों के लिए भी संगठित प्रयास की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।




