
तरुण कौशिक, संपादक सर्वव्यापी
डाक विभाग द्वारा डाकघरों में ऑनलाइन भुगतान को बढ़ावा देने के लिए लागू की जा रही नई व्यवस्था अब ग्राहकों के लिए परेशानी का कारण बनने लगी है। बिलासपुर प्रधान डाकघर के स्पीड पोस्ट काउंटर में ऑनलाइन भुगतान की अनिवार्यता को लेकर जमकर विरोध हुआ। काउंटर पर मौजूद कर्मचारी द्वारा नकद राशि लेने से मना किए जाने पर ग्राहक नाराज हो गए और उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया।ग्राहकों का कहना था कि यदि विभाग ने ऑनलाइन भुगतान अनिवार्य किया है तो इसका स्पष्ट आदेश सार्वजनिक किया जाना चाहिए। उन्होंने काउंटर और सूचना बोर्ड पर इसकी जानकारी नहीं होने पर भी सवाल उठाए। ग्राहकों ने मांग की कि किसी भी नई व्यवस्था को लागू करने से पहले आम लोगों को इसकी जानकारी दी जानी चाहिए, ताकि उन्हें अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।आदेश दिखाने की मांग पर कर्मचारी नहीं दे सके जानकारीस्पीड पोस्ट कराने पहुंचे कई ग्राहकों ने जब केवल ऑनलाइन भुगतान स्वीकार करने के संबंध में आदेश की प्रति दिखाने को कहा तो कर्मचारी स्पष्ट जानकारी नहीं दे सके। ग्राहकों का आरोप था कि बिना किसी सूचना के अचानक कैश लेने से इनकार किया जा रहा है, जिससे आम लोगों को परेशानी हो रही है। विरोध बढ़ने के बाद कुछ ग्राहकों से नकद भुगतान भी स्वीकार किया गया।ग्राहकों ने कहा कि ऑनलाइन भुगतान की सुविधा अच्छी है, लेकिन इसे सभी पर अनिवार्य करना उचित नहीं है। डाकघरों में बड़ी संख्या में ऐसे ग्राहक आते हैं, जो डिजिटल भुगतान का उपयोग नहीं करते। विशेषकर बुजुर्ग, महिलाएं और ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले लोगों के लिए यह व्यवस्था मुश्किल खड़ी कर सकती है। कई ग्राहकों के पास स्मार्टफोन या ऑनलाइन बैंकिंग की सुविधा तक उपलब्ध नहीं है।नई व्यवस्था को लेकर डाकघर में अचानक अव्यवस्था की स्थिति निर्मित हो गई। अधिकांश ग्राहक नकद भुगतान की सुविधा जारी रखने की मांग करते नजर आए। ग्राहकों का कहना था कि डिजिटल भुगतान को विकल्प के रूप में रखा जाना चाहिए, न कि अनिवार्य व्यवस्था के तौर पर।विरोध बढ़ने के बाद डाक प्रबंधन ने स्थिति संभाली और कुछ ग्राहकों से कैश भुगतान लेकर स्पीड पोस्ट की प्रक्रिया पूरी की गई। हालांकि, इस पूरे मामले ने डाक विभाग की नई व्यवस्था और उसके क्रियान्वयन को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।



