
विकास नंद/ सर्वव्यापी

सरायपाली विकासखण्ड में कीटनाशक विक्रय एवं भंडारण व्यवस्था में अनियमितताओं को लेकर कृषि विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के निर्देश पर कृषि विभाग की जिला स्तरीय टीम ने 24 और 25 अगस्त को विभिन्न कीटनाशी विक्रय केन्द्रों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सात कृषि केन्द्रों में नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर कीटनाशी अधिनियम, 1968 के तहत कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब कुछ दिन पहले ही साप्ताहिक समाचार पत्र एवं न्यूज पोर्टल ‘सर्वव्यापी’ ने सरायपाली क्षेत्र में कृषि आदान विक्रय व्यवस्था और किसानों को होने वाली परेशानियों से जुड़े इस पूरे मामले को प्रमुखता से उठाया था। इसके बाद कृषि विभाग ने निरीक्षण अभियान तेज करते हुए विक्रेताओं के दस्तावेजों और विक्रय व्यवस्था की जांच की।उप संचालक कृषि फागूराम कश्यप के नेतृत्व में किए गए निरीक्षण में जे.एम.आर. कृषि केन्द्र मुड़पहार, पुष्पा कृषि सेवा केन्द्र अर्जुण्डा, कृष्णा कृषि सेवा केन्द्र तोरेसिंहा, नरेश कृषि सेवा केन्द्र सागरपाली, पटेल कृषि सेवा केन्द्र सागरपाली, अंकित कृषि पेस्टीसाइड्स मुरमुरी और ओम एग्रो बलौदा में विभिन्न अनियमितताएं पाई गईं।निरीक्षण के दौरान कई प्रतिष्ठानों में स्टॉक रजिस्टर का विधिवत संधारण नहीं किया जाना, मूल्य सूची प्रदर्शित नहीं करना तथा किसानों को निर्धारित प्रोफार्मा में बिल उपलब्ध नहीं कराना सामने आया। विभाग ने इन कमियों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित संचालकों को नोटिस जारी कर पांच दिवस के भीतर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।विभाग ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय सीमा में जवाब नहीं देने अथवा जवाब संतोषप्रद नहीं पाए जाने पर संबंधित कृषि केन्द्रों के कीटनाशी लाइसेंस निलंबित करने की कार्रवाई की जाएगी।उप संचालक कृषि फागूराम कश्यप ने कहा कि किसानों को गुणवत्तापूर्ण कृषि आदान उपलब्ध कराना और कीटनाशकों के विक्रय में पारदर्शिता सुनिश्चित करना विभाग की प्राथमिकता है। कृषि आदान विक्रेताओं को नियमों के अनुरूप स्टॉक रजिस्टर संधारित करने, मूल्य सूची प्रदर्शित करने तथा किसानों को निर्धारित प्रारूप में बिल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।निरीक्षण दल में सहायक संचालक कृषि डॉ. परमजीत सिंह कंवर, अनुविभागीय कृषि अधिकारी सरायपाली विवेक पटेल, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी सरायपाली एल.के. चौहान, कृषि विकास अधिकारी मनोज पटेल तथा ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी भीमेश्वर साहू शामिल रहे।कृषि विभाग की इस कार्रवाई से स्पष्ट है कि किसानों को निर्धारित नियमों के अनुरूप कृषि सामग्री उपलब्ध कराने में किसी भी प्रकार की लापरवाही को अब नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।




