
विकास नंद/ सर्वव्यापी
ग्राम सुअरमार निवासी विजय कुम्हार के मकान निर्माण के दौरान जमीन की खुदाई में मिले निखात (धातु) को आज उन्होंने नियमानुसार जिला प्रशासन को सौंप दिया। विजय कुम्हार निखात जमा कराने के लिए जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे, जहां कलेक्टर विनय कुमार लंगेह को इसे सौंपा गया। इस दौरान ग्राम सुअरमार के पूर्व सरपंच मूलचंद चंद्राकर तथा पूर्व माध्यमिक शाला कसेकेरा के प्रधान पाठक विजय शर्मा भी उपस्थित रहे।जिला प्रशासन ने प्राप्त निखात को सुरक्षित रूप से जमा कराया है। इसका वजन लगभग 1.70 ग्राम बताया गया है और इसकी अनुमानित कीमत करीब 17 हजार रुपये आंकी गई है।
करीब तीन फीट की गहराई में मिला धातु खंड
बताया गया कि 2 अगस्त को मकान निर्माण के लिए जमीन की खुदाई के दौरान करीब तीन फीट की गहराई में यह धातु खंड मिला था। प्राप्ति स्थल से काली मिट्टी और पुरानी खपरैल (मिट्टी की टाइलों) के अवशेष भी मिले हैं। इससे ऐतिहासिक सुअरमार गढ़ क्षेत्र के पुरातात्त्विक महत्व को लेकर नई जिज्ञासा पैदा हुई है।प्राप्त धातु वस्तु चपटी और अनियमित आकार की है। इसकी सतह पर दबाव और मोड़ के निशान दिखाई देते हैं। प्रथम दृष्टया यह हथौड़े से पीटकर तैयार की गई धातु पट्टिका अथवा पत्र जैसी प्रतीत होती है।
वैज्ञानिक परीक्षण से होगी वास्तविक धातु की पुष्टि
स्थानीय स्तर पर इसे स्वर्ण धातु का अवशेष माना जा रहा है, हालांकि इसकी वास्तविक धातु संरचना की पुष्टि अभी वैज्ञानिक परीक्षण के बाद ही हो सकेगी। जिला प्रशासन द्वारा निखात को सुरक्षित रूप से जमा कराए जाने के बाद अब इसके वास्तविक स्वरूप और ऐतिहासिक महत्व को लेकर आगे की प्रक्रिया पर नजर रहेगी।ऐतिहासिक सुअरमार गढ़ क्षेत्र में मकान निर्माण के दौरान स्वर्ण रंग जैसी धातु मिलने से स्थानीय लोगों में भी उत्सुकता बढ़ गई है। क्षेत्र की पुरातात्त्विक पृष्ठभूमि को देखते हुए इस खोज को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।



