
तरुण कौशिक, संपादक सर्वव्यापी
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में वन विभाग ने अवैध लकड़ी के कारोबार पर प्रभावी कार्रवाई करते हुए भारी मात्रा में सागौन और साल प्रजाति की लकड़ी तथा उनसे तैयार किए जा रहे अर्धनिर्मित फर्नीचर जब्त किए हैं। कार्रवाई के बाद क्षेत्र में अवैध लकड़ी कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप की स्थिति है।विभागीय सूत्रों ने बताया कि, गौरेला वन परिक्षेत्र की टीम को तरईगांव क्षेत्र में बिना वैध अनुमति के कीमती लकड़ियों का भंडारण एवं फर्नीचर निर्माण किए जाने की सूचना मिली थी। सूचना के सत्यापन के बाद रेंजर ज्योत्सना मिश्रा के नेतृत्व में वन अमले ने योजनाबद्ध तरीके से बढ़ावनदांड के बढ़वापारा क्षेत्र में दबिश दी।छापेमारी के दौरान नन्हू भैना एवं भोलू के ठिकानों की तलाशी ली गई। जांच में सागौन के चिरान, साल लकड़ी के फट्टे तथा बड़ी संख्या में अर्धनिर्मित फर्नीचर बरामद हुए। प्रारंभिक जांच में संबंधित लकड़ी के संग्रहण और उपयोग के लिए आवश्यक वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जा सके।वन विभाग ने मौके से बरामद समस्त सामग्री जब्त कर सुरक्षित अभिरक्षा में रख ली है। अब लकड़ी की वास्तविक मात्रा, गुणवत्ता, प्रजाति तथा उसके स्रोत की विस्तृत जांच की जा रही है, ताकि पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा सके।वन अधिकारियों ने बताया कि जंगलों से अवैध कटाई, लकड़ी का परिवहन और बिना अनुमति उसके व्यावसायिक उपयोग पर भारतीय वन अधिनियम के तहत कठोर दंड का प्रावधान है। इसी आधार पर दोनों आरोपियों के विरुद्ध वन अपराध प्रकरण दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।विभाग का कहना है कि जिले में वन संपदा की सुरक्षा के लिए लगातार निगरानी रखी जा रही है। अवैध कटाई, लकड़ी तस्करी और बिना अनुमति संचालित फर्नीचर इकाइयों के विरुद्ध आगे भी अभियान जारी रहेगा। साथ ही आम नागरिकों से भी अपील की गई है कि यदि कहीं वन अपराध या अवैध लकड़ी कारोबार की जानकारी मिले तो तत्काल वन विभाग को सूचित करें, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जा सके।




