
विकास नंद/ सर्वव्यापी
महासमुंद सांसद रूपकुमारी चौधरी को भाजपा महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए जाने के बाद जिले की राजनीति में महिला मोर्चा और महिला कांग्रेस के बीच सियासी मुकाबला और तेज होने के आसार हैं। खासकर सरायपाली क्षेत्र में कांग्रेस के सामने अब भाजपा के इस मजबूत महिला नेतृत्व को घेरने की बड़ी चुनौती होगी।
रूपकुमारी चौधरी को राष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलने से भाजपा महिला मोर्चा के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल है। वहीं कांग्रेस के लिए यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि वह प्रदेश की डबल इंजन सरकार की नीतियों और स्थानीय मुद्दों को लेकर महिला मतदाताओं के बीच किस तरह अपनी पकड़ मजबूत करती है।
महासमुंद जिले की राजनीति में भी यह नियुक्ति महत्वपूर्ण मानी जा रही है। जिले की चार विधानसभा सीटों में दो पर भाजपा और दो पर कांग्रेस के विधायक हैं। ऐसे में आने वाले समय में महिला मोर्चा और महिला कांग्रेस के बीच राजनीतिक गतिविधियां और तेज होने की संभावना है।
चातुरी नंद के सामने बड़ी राजनीतिक चुनौती
सरायपाली विधानसभा क्षेत्र की कांग्रेस विधायक चातुरी नंद के सामने अब अपने ही क्षेत्र की सांसद एवं भाजपा महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष रूपकुमारी चौधरी को राजनीतिक रूप से घेरने की चुनौती होगी। कांग्रेस की ओर से सरकार के खिलाफ स्थानीय मुद्दों को लेकर किस तरह आंदोलन और जनसंपर्क अभियान चलाए जाते हैं, इस पर राजनीतिक नजरें टिकी रहेंगी।वहीं भाजपा के लिए भी रूपकुमारी चौधरी की नई जिम्मेदारी को महासमुंद और सरायपाली में संगठन को मजबूत करने के अवसर के रूप में देखा जा रहा है। राष्ट्रीय अध्यक्ष के पद पर पहुंचने के बाद उनके प्रभाव का लाभ स्थानीय संगठन को कितना मिलता है, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा।
आने वाले चुनाव में दिखेगा असर
रूपकुमारी चौधरी को मिली राष्ट्रीय जिम्मेदारी का असर आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनाव की तैयारियों पर भी देखने को मिल सकता है। महिला मतदाताओं के बीच दोनों दलों की सक्रियता बढ़ने की संभावना है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि महिला कांग्रेस किस रणनीति के साथ भाजपा महिला मोर्चा का मुकाबला करती है और सरकार को घेरने के साथ-साथ आगामी चुनावों में कांग्रेस की वापसी के लिए किस तरह की जमीन तैयार करती है।
फिलहाल रूपकुमारी चौधरी की राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में नियुक्ति ने महासमुंद जिले, विशेषकर सरायपाली की महिला राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है।



