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सावन महोत्सव में संस्कृति, संस्कार और पर्यावरण का दिखा अनुपम संगम..कौशल्या साय ने कहा—लोकपरंपराओं और संस्कारों से नई पीढ़ी को जोड़ने का सशक्त माध्यम हैं ऐसे आयोजन।

विकास नंद/सर्वव्यापी

सरायपाली विधानसभा क्षेत्र के ग्राम चट्टीगिरोला स्थित के.पी. इंटरनेशनल स्कूल में भव्य एवं रंगारंग सावन महोत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी एवं सामाजिक कार्यकर्ता कौशल्या विष्णुदेव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता महिला आयोग की सदस्य सरला कोसरिया ने की।सावन की हरियाली और उमंग के बीच आयोजित महोत्सव में विद्यालय के विद्यार्थियों ने छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोकसंस्कृति, परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों के माध्यम से जीवंत कर दिया। लोकनृत्य, गीत और संगीत की शानदार प्रस्तुतियों ने पूरे वातावरण को उत्सवमय बना दिया। विद्यार्थियों की प्रतिभा ने अतिथियों, अभिभावकों और दर्शकों का मन मोह लिया। वहीं विद्यालय की माताओं ने भी विभिन्न खेलों में उत्साहपूर्वक भाग लेकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

मुख्य अतिथि कौशल्या साय ने कहा कि सावन महोत्सव केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि लोकपरंपराओं, सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक समरसता का जीवंत उत्सव है। ऐसे आयोजन संस्कृति की जड़ों को मजबूत करने के साथ नई पीढ़ी को अपनी गौरवशाली परंपराओं और संस्कारों से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों में संस्कार, संस्कृति, सामाजिक जिम्मेदारी और राष्ट्रप्रेम की भावना विकसित करना भी है।

‘एक पेड़ मां के नाम’ के तहत किया पौधरोपण

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर चलाए जा रहे ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत कौशल्या साय, कार्यक्रम अध्यक्ष सरला कोसरिया सहित अतिथियों ने फलदार एवं छायादार पौधों का रोपण किया। इस दौरान पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए कहा गया कि पेड़-पौधे केवल प्रकृति की सुंदरता बढ़ाने का माध्यम नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित और स्वस्थ भविष्य की नींव हैं। अभियान पर्यावरण संरक्षण को भावनात्मक जुड़ाव के साथ जन-आंदोलन बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।

महिलाओं के न्याय, सुरक्षा और सशक्तिकरण पर सरला कोसरिया ने रखे विचार

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं महिला आयोग की सदस्य सरला कोसरिया ने महिलाओं के न्याय, सुरक्षा और सशक्तिकरण को लेकर विस्तार से अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि विकास की नई ऊंचाइयों को छूने के साथ-साथ संस्कृति, परंपरा, लोककला और संस्कारों की जड़ें भी मजबूत रहनी चाहिए। सरकार और समाज के सामूहिक प्रयासों से ऐसा छत्तीसगढ़ बनाया जा सकता है, जहां आधुनिक विकास के साथ प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान भी निरंतर समृद्ध होती रहे।सावन महोत्सव के माध्यम से विद्यार्थियों ने जहां अपनी सांस्कृतिक प्रतिभा का प्रदर्शन किया, वहीं पौधरोपण ने प्रकृति संरक्षण और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश दिया। इस तरह कार्यक्रम में संस्कृति, संस्कार, शिक्षा और पर्यावरण संरक्षण का सुंदर त्रिवेणी संगम देखने को मिला।कार्यक्रम के सफल आयोजन पर अतिथियों ने के.पी. इंटरनेशनल स्कूल परिवार को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष मोगरा पटेल, जनपद अध्यक्ष लक्ष्मी पटेल, नगर पालिका अध्यक्ष सरस्वती पटेल, पूर्व विधायक केराबाई मनहर, वन अभ्यारण के संयोजक टीकाराम पटेल सहित विद्यालय परिवार, शिक्षक-शिक्षिकाएं, विद्यार्थी, अभिभावक एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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