
विकास नंद/सर्वव्यापी

किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 एवं आगामी खरीफ विपणन वर्षों के लिए महासमुंद जिले में 20 नवीन धान उपार्जन केन्द्र खोले जाने की अनुमति राज्य शासन ने प्रदान की है। इस संबंध में राज्य शासन द्वारा आदेश जारी कर दिया गया है।
किसानों एवं जनप्रतिनिधियों की लंबे समय से चली आ रही मांग के अनुरूप कलेक्टर के माध्यम से भेजे गए प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए राज्य शासन ने महासमुंद जिले के डोंगरगांव, झिटकी, बोईरगांव, कलमीदादर, कौसरा, नवागांवकला, बरोली, मुनगाडीह, कोसमपाली, कायतापाली, दुर्गापाली, उमरिया, बगाईजोर, मोहका, संतपाली, गिधली, जम्हर, किसड़ी, तुरेंगा एवं सिनोधा में नवीन धान उपार्जन केन्द्र खोलने की अनुमति दी है।
नवीन धान उपार्जन केन्द्रों की स्थापना से संबंधित क्षेत्रों के किसानों को अपने गांव अथवा आसपास के क्षेत्र में ही धान विक्रय की बेहतर सुविधा उपलब्ध होगी। इससे किसानों को दूरस्थ उपार्जन केन्द्रों तक धान ले जाने की परेशानी से राहत मिलेगी। साथ ही परिवहन में लगने वाले समय और अतिरिक्त खर्च की भी बचत होगी।महासमुंद जिले में 20 नए धान उपार्जन केन्द्रों की स्वीकृति मिलने पर सांसद रूपकुमारी चौधरी के प्रयासों की सराहना की जा रही है। इस महत्वपूर्ण निर्णय पर किसान मोर्चा के जिला पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने प्रदेश की विष्णुदेव साय सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया है।
भाजपा किसान मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष मनोज दास ने कहा कि सांसद रूपकुमारी चौधरी के सतत प्रयासों और किसानों की मांग को प्राथमिकता देते हुए साय सरकार ने महासमुंद जिले के लिए 20 नए धान उपार्जन केन्द्रों की स्वीकृति प्रदान की है। इससे हजारों किसानों को सीधा लाभ मिलेगा और धान खरीदी व्यवस्था अधिक सुगम एवं सुविधाजनक बनेगी।उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाली प्रदेश सरकार किसानों के हित में लगातार महत्वपूर्ण निर्णय ले रही है। नए उपार्जन केन्द्रों की स्वीकृति इसी दिशा में एक बड़ा कदम है, जिससे ग्रामीण अंचल के किसानों को धान विक्रय के लिए अब लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी।



