
विकास नंद/ सर्वव्यापी

सरायपाली। प्रशासनिक सेवा में ऐसा संयोग कम ही देखने को मिलता है, जब किसी आईएएस अधिकारी को अपनी पहली फील्ड पोस्टिंग वाले क्षेत्र में ही आगे चलकर उसी जिले के कलेक्टर के रूप में कार्य करने का अवसर मिले। महासमुंद कलेक्टर विनय कुमार लंगेह का प्रशासनिक सफर इसी खास संयोग को दर्शाता है। सरायपाली में बतौर एसडीएम अपनी पहली फील्ड पोस्टिंग की शुरुआत करने वाले लंगेह आज लगभग तीन वर्षों से उसी महासमुंद जिले की कलेक्टरी की कमान संभाल रहे हैं।
सरायपाली से शुरू हुआ उनका प्रशासनिक सफर अब पूरे महासमुंद जिले के विकास की जिम्मेदारी तक पहुंच चुका है। वर्तमान में कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के कंधों पर जिले में विकास कार्यों को गति देने, शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने तथा आमजन की समस्याओं के निराकरण की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। वे प्रशासनिक गतिविधियों और विकास कार्यों की निरंतर निगरानी के साथ योजनाओं को धरातल तक पहुंचाने पर जोर दे रहे हैं।
सरायपाली प्रवास में डिप्टी सीएम ने कहा—‘मेहनती कलेक्टर’
बुधवार को सरायपाली प्रवास पर पहुंचे उपमुख्यमंत्री अरुण साव की मौजूदगी में आयोजित लोकार्पण एवं भूमिपूजन कार्यक्रम में कलेक्टर विनय कुमार लंगेह का विशेष उल्लेख हुआ। अपने उद्बोधन में उपमुख्यमंत्री साव ने उन्हें ‘मेहनती कलेक्टर’ कहकर संबोधित किया। सार्वजनिक मंच से कलेक्टर की मेहनत का उल्लेख कार्यक्रम के दौरान चर्चा का विषय रहा।
सरायपाली में एसडीएम के रूप में पहली फील्ड पोस्टिंग के दौरान क्षेत्र की प्रशासनिक परिस्थितियों को करीब से समझने वाले विनय कुमार लंगेह को अब उसी जिले में कलेक्टर के रूप में व्यापक जिम्मेदारी निभाने का अवसर मिला है। सरायपाली सहित महासमुंद जिले की स्थानीय परिस्थितियों और प्रशासनिक चुनौतियों से उनके पुराने जुड़ाव को उनके प्रशासनिक सफर का महत्वपूर्ण पहलू माना जा रहा है।
पहली पोस्टिंग से कलेक्टरी तक का सफर
सरायपाली से बतौर एसडीएम शुरू हुआ प्रशासनिक सफर आज महासमुंद जिले के विकास और प्रशासन की कमान संभालने तक पहुंच चुका है। पहली फील्ड पोस्टिंग वाले क्षेत्र में ही आगे चलकर कलेक्टर के रूप में जिम्मेदारी मिलना निश्चित रूप से विनय कुमार लंगेह के प्रशासनिक करियर का एक खास अध्याय है।




