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महासमुंद जिले में सड़क विकास को नई गति, 204 करोड़ से अधिक के 6 बड़े निर्माण कार्य प्रगति पर ,सरायपाली से महासमुंद तक सड़क संपर्क होगा मजबूत, 20 से 45 गांवों के ग्रामीणों को मिलेगा बेहतर आवागमन का लाभ।

विकास नंद ,(सर्वव्यापी)

महासमुंद जिले में सड़क अधोसंरचना को मजबूत बनाने के लिए 204 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाले छह महत्वपूर्ण सड़क निर्माण, चौड़ीकरण एवं उन्नयन कार्यों को स्वीकृति दी गई है। इनमें से अधिकांश कार्य वर्तमान में प्रगति पर हैं। इन सड़कों के निर्माण और उन्नयन से जिले के विभिन्न विकासखंडों के बीच आवागमन सुगम होने के साथ ग्रामीण क्षेत्रों की संपर्क व्यवस्था भी बेहतर होगी। खासकर सरायपाली, बसना, बागबाहरा और महासमुंद क्षेत्र के लोगों को इसका लाभ मिलने की उम्मीद है।मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जिले में सड़क सुविधाओं के विस्तार के तहत लोक निर्माण विभाग द्वारा विभिन्न मार्गों पर काम कराया जा रहा है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य जिला मुख्यालय को विकासखंडों एवं ग्रामीण क्षेत्रों से बेहतर ढंग से जोड़ना, अंतरराज्यीय संपर्क मजबूत करना और विद्यार्थियों, किसानों, व्यापारियों सहित आम नागरिकों को सुविधाजनक यातायात उपलब्ध कराना है।

महासमुंद-तुमगांव-अछोला मार्ग का होगा चौड़ीकरण

महासमुंद विकासखंड में महासमुंद-तुमगांव-अछोला मार्ग के 9.65 किलोमीटर हिस्से के टू-लेन चौड़ीकरण के लिए 27.18 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है। वर्तमान में निर्माण कार्य प्रगति पर है। यह मार्ग पिथौरा, बसना और सरायपाली विकासखंडों को जिला मुख्यालय से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। चौड़ीकरण पूरा होने से स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थियों और जिला मुख्यालय आने-जाने वाले नागरिकों को सुविधा मिलेगी।

इसी तरह महासमुंद शहर के बरोंडा चौक से बम्हनी मार्ग के 2.30 किलोमीटर हिस्से के फोरलेन चौड़ीकरण के लिए 18.29 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इस मार्ग के विकसित होने से कलेक्ट्रेट, जिला न्यायालय, पुलिस अधीक्षक कार्यालय और जिला पंचायत सहित प्रमुख शासकीय कार्यालयों तक पहुंचना आसान होगा। साथ ही शहरी यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।

बसना क्षेत्र के गांवों को मिलेगा लाभ

बसना विकासखंड के सांकरा-परसवानी मार्ग के 15.80 किलोमीटर निर्माण के लिए 28.47 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। निर्माण कार्य प्रगति पर है। यह मार्ग राष्ट्रीय राजमार्ग-53 से जुड़कर जिला मुख्यालय महासमुंद और ओडिशा राज्य की ओर आवागमन के लिहाज से महत्वपूर्ण है। सड़क निर्माण से आसपास के लगभग 20 गांवों के लोगों को बेहतर यातायात सुविधा मिलने की उम्मीद है।

वहीं, बसना-भंवरपुर-सागरपाली मार्ग के 17.60 किलोमीटर हिस्से के चौड़ीकरण एवं उन्नयन के लिए 31.69 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। यह मार्ग विकासखंड मुख्यालयों को जोड़ने के साथ लगभग 25 गांवों के नागरिकों के लिए आवागमन का प्रमुख साधन बनेगा। सड़क उन्नयन से ग्रामीणों को शिक्षा, कृषि, व्यापार और अन्य दैनिक कार्यों के लिए आने-जाने में सहूलियत मिलेगी।

सरायपाली से ओडिशा तक संपर्क होगा बेहतर

सरायपाली विकासखंड में पदमपुर-सरायपाली-सरसीवां मार्ग के 14.60 किलोमीटर हिस्से के चौड़ीकरण एवं उन्नयन के लिए 24.48 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है। यह कार्य भी प्रगति पर है। ओडिशा राज्य से संपर्क के लिहाज से महत्वपूर्ण इस मार्ग के उन्नयन से किसानों, विद्यार्थियों, व्यापारियों और आम नागरिकों को बेहतर आवागमन सुविधा मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही क्षेत्र की व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल सकता है।

बागबाहरा क्षेत्र में 74 करोड़ से अधिक की सड़क परियोजना

बागबाहरा विकासखंड में बिहाझर-गांजर-रेवा मार्ग के 25.90 किलोमीटर हिस्से के चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण के लिए 74.15 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। इस कार्य के लिए स्वीकृति पत्र जारी किया जा चुका है। यह मार्ग ओडिशा राज्य से संपर्क स्थापित करने में महत्वपूर्ण है। इसके उन्नयन से लगभग 45 गांवों के लोगों को बेहतर आवागमन सुविधा मिलने की उम्मीद है। साथ ही प्रसिद्ध धार्मिक एवं तीर्थ स्थल नरसिंहनाथ तक पहुंचने में भी सुविधा होने की संभावना है।

ग्रामीण संपर्क और आर्थिक गतिविधियों को मिलेगा बढ़ावा

लोक निर्माण विभाग की कार्यपालन अभियंता नीता रामटेके के अनुसार, जिले में स्वीकृत इन छह महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं से सड़क नेटवर्क को मजबूत करने में मदद मिलेगी। निर्माण एवं उन्नयन कार्य पूरे होने के बाद ग्रामीण क्षेत्रों से जिला मुख्यालय और अंतरराज्यीय मार्गों तक पहुंच अधिक सुविधाजनक होने की उम्मीद है।सड़क सुविधाओं में सुधार से किसानों को कृषि उपज के परिवहन, व्यापारियों को व्यावसायिक गतिविधियों और विद्यार्थियों को शिक्षण संस्थानों तक पहुंचने में सहूलियत मिलेगी। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने पर जिले के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के बीच संपर्क व्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ विकास गतिविधियों को भी गति मिल सकती है।

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