
विकास नंद/सर्वव्यापी
छत्तीसगढ़ में लगातार बारिश और बाढ़ से प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने के लिए राज्य सरकार ने प्रक्रिया तेज कर दी है। बाढ़ से फसलों, मकानों और अन्य संपत्तियों को हुए नुकसान का त्वरित सर्वे कराया जाएगा। सर्वे के आधार पर पात्र प्रभावित परिवारों को RBC 6-4 के प्रावधानों के तहत नियमानुसार राहत एवं मुआवजा प्रदान किया जाएगा।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा के निर्देश पर अधिकारियों को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर नुकसान का वास्तविक आकलन करने के निर्देश दिए गए हैं। सर्वे के दौरान बाढ़ से प्रभावित जान-माल, फसलों और मकानों को हुए नुकसान की विस्तृत जानकारी जुटाई जाएगी।
प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत
बाढ़ प्रभावित परिवारों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन द्वारा अनुदान के चेक वितरित किए जा रहे हैं। सरकार का उद्देश्य है कि पात्र प्रभावित परिवारों को राहत राशि जल्द उपलब्ध हो, ताकि वे बाढ़ के बाद उत्पन्न आर्थिक संकट से उबर सकें।
मकानों की मरम्मत और पुनर्निर्माण में भी सहायता
बाढ़ से क्षतिग्रस्त मकानों का भी सर्वे कराया जाएगा। पात्र परिवारों को नियमानुसार मकानों की मरम्मत और पुनर्निर्माण के लिए सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।सरकार ने अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में सक्रिय रहकर नुकसान का सटीक आकलन करने और राहत प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। शासन का जोर इस बात पर है कि वास्तविक रूप से प्रभावित परिवारों तक राहत और मुआवजे का लाभ समय पर पहुंचे।




