GPMNewsछत्तीसगढ़

बड़ी खबर: सेवारत शिक्षकों के लिए विभागीय TET परीक्षा को शासन की मंजूरी, साल में दो बार होगा आयोजन,आलोक शुक्ला ने मुख्यमंत्री, स्कूल शिक्षा मंत्री एवं शासन के प्रति जताया आभार।

नूर मोहम्मद,जिला ब्यूरो चीफ,रायपुर/ (सर्वव्यापी)

छत्तीसगढ़ शासन ने सेवारत शासकीय शिक्षकों के लिए विभागीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) आयोजित कराने की सहमति प्रदान कर दी है। शासन के इस निर्णय से प्रदेश के उन शिक्षकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, जिन्हें सेवा में बने रहने के लिए टीईटी उत्तीर्ण करना अनिवार्य है। इस फैसले पर प्रदेश शिक्षक फेडरेशन के प्रदेश संगठन सचिव आलोक शुक्ला ने शासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इसे सेवारत शिक्षकों के हित में महत्वपूर्ण कदम बताया है।प्राप्त जानकारी के अनुसार, स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा 21 अक्टूबर 2026 को जारी आदेश क्रमांक ESTB-1/4033/2026/20-3 में माननीय सर्वोच्च न्यायालय के सिविल अपील क्रमांक 1385/2025 में पारित निर्णयों के अनुपालन का उल्लेख किया गया है। इसके तहत कक्षा 1 से 8 तक के ऐसे सेवारत शिक्षकों, जिनकी सेवा अवधि पांच वर्ष या उससे अधिक शेष है, के लिए सेवा में बने रहने हेतु टीईटी उत्तीर्ण करना अनिवार्य बताया गया है।इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए लोक शिक्षण संचालनालय के 24 सितंबर 2026 के प्रस्ताव पर शासन ने सहमति प्रदान की है। इसके अनुसार, छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल (CGSSB) द्वारा आयोजित परीक्षा के अतिरिक्त निजी तकनीकी सेवा प्रदाता कंपनी के माध्यम से कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) मोड में टीईटी आयोजित की जाएगी। परीक्षा एक से अधिक पालियों में संपन्न कराई जा सकेगी।

साल में न्यूनतम दो बार होगी परीक्षा

शासन के निर्देशानुसार, सेवारत शिक्षकों के लिए निजी तकनीकी सेवा प्रदाता कंपनी के माध्यम से वर्ष में न्यूनतम दो बार विभागीय टीईटी परीक्षा आयोजित करने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। परीक्षा में उत्तीर्ण होने वाले शिक्षकों को राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT), रायपुर द्वारा प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा।

हजारों शिक्षकों के लिए महत्वपूर्ण निर्णय: आलोक शुक्ला

प्रदेश शिक्षक फेडरेशन के प्रदेश संगठन सचिव आलोक शुक्ला ने कहा कि सेवारत शिक्षकों के लिए विभागीय टीईटी परीक्षा आयोजित करने की सहमति मिलना एक महत्वपूर्ण निर्णय है। इससे संबंधित शिक्षकों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत परीक्षा में शामिल होकर पात्रता प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि साल में न्यूनतम दो बार परीक्षा आयोजित करने की व्यवस्था से शिक्षकों को तैयारी करने और परीक्षा में शामिल होने के अवसर मिल सकेंगे।आलोक शुक्ला ने इस निर्णय के लिए मुख्यमंत्री, स्कूल शिक्षा मंत्री तथा स्कूल शिक्षा विभाग के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने उम्मीद जताई कि शासन के इस कदम से सेवारत शिक्षकों को राहत मिलेगी और उनकी समस्याओं के समाधान की दिशा में सकारात्मक पहल आगे बढ़ेगी।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!