
विकास नंद/सर्वव्यापी
महासमुंद जिले के सरायपाली तहसील अंतर्गत ग्राम बरिहापाली के श्रमिकों और बच्चों को तमिलनाडु में बंधक बनाए जाने की सूचना पर जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उन्हें सुरक्षित मुक्त करा लिया है। बुधवार शाम करीब 5 बजे रेस्क्यू टीम एवं स्थानीय प्रशासन के सहयोग से नमक्कल जिले के परामती वेलुर तहसील अंतर्गत ग्राम परिवेसोलीपालयम में सभी को बंधन से मुक्त कराया गया।श्रम पदाधिकारी डी.एन. पात्र ने बताया कि श्रमिकों को तमिलनाडु के वेलुर तहसील क्षेत्र में मुक्त कराया गया है। मौके पर आवश्यक प्रशासनिक एवं कानूनी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। औपचारिकताएं पूर्ण होने के बाद श्रमिकों के बुधवार देर रात अथवा गुरुवार को महासमुंद के लिए रवाना होने की संभावना है। उनके दो दिनों के भीतर जिले में पहुंचने की उम्मीद है।जानकारी के अनुसार ग्राम बरिहापाली निवासी पुनीत राम यादव (65), उनके पुत्र रोहित यादव (23), तेजवंती (30), उमेश यादव (11), मानसी यादव (7) एवं तुलसी यादव (40) रोजगार के लिए तमिलनाडु गए थे। वहां काम करने के दौरान उन्हें काम पसंद नहीं आया और वे वापस अपने गांव लौटना चाहते थे, लेकिन ठेकेदार ने उन्हें वापस भेजने से मना कर दिया।स्थिति से परेशान होकर पुनीत राम यादव की पत्नी मीना यादव ने सरायपाली के अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) मनोज कुमार खांडे के समक्ष आवेदन प्रस्तुत कर अपने पति एवं अन्य लोगों को वापस लाने के लिए प्रशासन से मदद की मांग की।शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई शुरू की। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी विनय लंगेह के निर्देश पर श्रमिकों को सुरक्षित वापस लाने के लिए रेस्क्यू टीम गठित कर तमिलनाडु भेजी गई। टीम ने वहां पहुंचकर स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित किया और आवश्यक कार्रवाई के बाद सभी श्रमिकों एवं बच्चों को सुरक्षित मुक्त कराया।रेस्क्यू टीम में सरायपाली नायब तहसीलदार हरि प्रसाद भोई, लेबर इंस्पेक्टर टीकम चंद्राकर, कांस्टेबल हेमंत भोई एवं गायत्री कंवर शामिल रहे। टीम ने स्थानीय प्रशासन के सहयोग से रिहाई की प्रक्रिया पूरी कर श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की।जिला प्रशासन द्वारा अब श्रमिकों एवं बच्चों की महासमुंद वापसी के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं और औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं।


