
नूर मोहम्मद,जिला ब्यूरो चीफ, (सर्वव्यापी)

जिले के आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने की दिशा में कलेक्टर विजय दयाराम के. ने एक बार फिर संवेदनशील प्रशासनिक कार्यशैली का परिचय दिया। कलेक्ट्रेट के अरपा सभा कक्ष में आयोजित साप्ताहिक जनदर्शन में उन्होंने स्वयं आमजन की समस्याओं, मांगों एवं शिकायतों को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को प्रत्येक आवेदन का समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं संतोषजनक निराकरण सुनिश्चित करने के स्पष्ट निर्देश दिए। जनदर्शन में इस सप्ताह कुल 23 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें मुआवजा, वनाधिकार पट्टा, रोजगार, इलेक्ट्रॉनिक चॉक मशीन उपलब्ध कराने, दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना की लंबित राशि, भूमि सीमांकन, अतिक्रमण हटाने तथा अवैध कब्जा हटाने जैसे जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण मामले शामिल रहे।
सुनवाई के दौरान कलेक्टर विजय दयाराम के. ने प्रत्येक आवेदन का बारीकी से परीक्षण किया। सीमांकन से जुड़े एक प्रकरण में उन्होंने तहसीलदार पेंड्रारोड को आवेदक को शीघ्र रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को दो टूक शब्दों में कहा कि जनदर्शन में आने वाले प्रत्येक नागरिक की समस्या को संवेदनशीलता और गंभीरता से लेते हुए निर्धारित समय-सीमा के भीतर उसका प्रभावी समाधान किया जाए, ताकि लोगों को अनावश्यक कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। कलेक्टर ने कहा कि जनदर्शन शासन और जनता के बीच विश्वास का महत्वपूर्ण माध्यम है। इसलिए प्रत्येक आवेदन का निराकरण केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि प्रशासन की जवाबदेही का विषय है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिकायतों के निराकरण में गुणवत्ता, पारदर्शिता और जवाबदेही सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
जनदर्शन के दौरान प्रशिक्षु डीएफओ गौतम पड़िभार, अपर कलेक्टर दिलेराम डाहिरे, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अविनाश मिश्रा सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे। जनदर्शन की प्रभावशीलता केवल आवेदन लेने से नहीं, बल्कि उनके समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निराकरण से तय होती है।
कलेक्टर विजय दयाराम के. द्वारा अधिकारियों को दिए गए स्पष्ट निर्देश यह संकेत देते हैं कि जिले में शिकायतों के निपटारे को लेकर जवाबदेही और पारदर्शिता पर विशेष जोर दिया जा रहा है। यदि इन निर्देशों का प्रभावी पालन होता है, तो आम नागरिकों का प्रशासन पर विश्वास और अधिक मजबूत होगा।



