
नूर मोहम्मद,जिला ब्यूरो चीफ, (सर्वव्यापी)

जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था को नई दिशा देने की मंशा के साथ कलेक्टर विजय दयाराम के. ने शनिवार को जिला चिकित्सालय में आयोजित जीवन दीप समिति की कार्यकारिणी समिति की बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने के लिए कई महत्वपूर्ण और दूरगामी निर्णय लिए।
बैठक से पहले कलेक्टर ने स्वयं जिला चिकित्सालय का व्यापक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि मरीजों को गुणवत्तापूर्ण, संवेदनशील और समयबद्ध उपचार उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने ओपीडी, स्त्री रोग वार्ड, शल्य चिकित्सा कक्ष, प्रसव कक्ष, पीआईसीयू, आईसीयू तथा एसएनसीयू सहित विभिन्न वार्डों का अवलोकन किया। उन्होंने चिकित्सकों और स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देशित किया कि मरीजों को बेहतर उपचार और मानवीय व्यवहार मिले, ताकि आम जनता का सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं पर विश्वास और मजबूत हो।
बैठक में कलेक्टर ने पूर्व बैठक के पालन प्रतिवेदन की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि जीवन दीप समिति की कार्यकारिणी समिति की बैठक प्रत्येक तीन माह में अनिवार्य रूप से आयोजित की जाए तथा प्रशासकीय समिति का गठन भी शीघ्र पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि जिला बनने का वास्तविक लाभ तभी मिलेगा जब लोगों को अपने जिले में ही उत्कृष्ट स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हों और उपचार के लिए अनावश्यक रूप से बड़े शहरों का रुख न करना पड़े।
कलेक्टर विजय दयाराम के. ने नए जिला अस्पताल भवन का निर्माण कार्य तत्काल प्रारंभ कर निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण कराने के निर्देश दिए। साथ ही नेत्र एवं दंत चिकित्सा सेवाओं के लिए आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराने, अस्पताल में शुद्ध पेयजल, निर्बाध विद्युत आपूर्ति, नियमित साफ-सफाई तथा मरीजों की सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर विशेष जोर दिया। सुरक्षा की दृष्टि से प्रथम तल पर संचालित रसोई कक्ष को भूतल पर स्थानांतरित करने के भी निर्देश दिए गए।
बैठक में अस्पताल के विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा की गई। इनमें ब्लड कम्पोनेंट सेपरेशन यूनिट की स्थापना, लॉन्ड्री मशीन के लिए शेड निर्माण, फायर सेफ्टी अलार्म सिस्टम की मरम्मत, नेत्र विभाग में अतिरिक्त वार्ड एवं ऑपरेशन थियेटर का निर्माण, बाथरूम एवं शौचालयों की मरम्मत, ड्रेनेज व्यवस्था का सुधार, शवगृह के लिए नए कक्ष का निर्माण, एसएनसीयू के लिए फायर एग्जिट रैम्प तथा एक्स-रे मशीन को भूतल पर स्थानांतरित कर पुनः स्थापित करने जैसे महत्वपूर्ण प्रस्ताव शामिल रहे। समिति के समक्ष जीवन दीप समिति की आय-व्यय का ब्यौरा भी प्रस्तुत किया गया।
बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मुकेश रावटे, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रामेश्वर शर्मा, सिविल सर्जन डॉ. देवेन्द्र पैकरा, लोक निर्माण विभाग की कार्यपालन अभियंता नित्या ठाकुर, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की कार्यपालन अभियंता प्रिया सोनी, सीएसपीडीसीएल के कार्यपालन अभियंता एन.पी. सिंह, जिला कार्यक्रम प्रबंधक विभा टोप्पो, विशेषज्ञ चिकित्सक एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।



