
विकास नंद/सर्वव्यापी
जिले के विकासखंड पिथौरा के ग्राम कसहीबाहरा के प्रगतिशील किसान ताराचंद ठाकुर ने आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक खेती अपनाकर अपनी आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार किया है। परंपरागत धान की खेती से सीमित आय मिलने के कारण उन्होंने खेती में बदलाव का निर्णय लिया और उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन में करेला की व्यावसायिक खेती शुरू की।वर्ष 2025-26 में राष्ट्रीय बागवानी मिशन के अंतर्गत सब्जी क्षेत्र विस्तार (करेला) योजना का लाभ लेते हुए उन्होंने लगभग एक हेक्टेयर भूमि में ड्रिप सिंचाई और मल्चिंग जैसी आधुनिक तकनीकों के साथ करेला की खेती की। योजना के तहत उन्हें 24 हजार रुपये की अनुदान राशि डीबीटी के माध्यम से बैंक खाते में प्राप्त हुई।आधुनिक तकनीकों के उपयोग से सिंचाई जल की बचत हुई, खरपतवार नियंत्रण आसान हुआ और फसल की गुणवत्ता के साथ उत्पादन में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। करेला की खेती से उन्हें लगभग 100 क्विंटल उत्पादन प्राप्त हुआ। बाजार में अच्छे दाम मिलने से उन्होंने करीब डेढ़ लाख रुपये की आय अर्जित की, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति पहले की तुलना में काफी मजबूत हुई।ताराचंद ठाकुर का कहना है कि धान की खेती की अपेक्षा करेला की खेती कहीं अधिक लाभदायक साबित हुई है। उनकी सफलता आसपास के किसानों के लिए भी प्रेरणा बन रही है और यह उदाहरण दर्शाता है कि आधुनिक तकनीक तथा सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर खेती को अधिक लाभकारी बनाया जा सकता है।



