
नूर मोहम्मद, ब्यूरो चीफ सर्वव्यापी

मरवाही के सेवानिवृत्त तत्कालीन परिक्षेत्र अधिकारी दरोगा सिंह मरावी ने मुख्य वन संरक्षक, वन वृत्त बिलासपुर को शिकायत सौंपकर तत्कालीन प्रभारी व्यय शाखा-2 कैम्पा वनमण्डल मरवाही भूपेन्द्र कुमार साहू तथा तत्कालीन परिक्षेत्र अधिकारी रमेश खैरवार के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने की मांग की है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि दोनों अधिकारियों ने कथित रूप से षड्यंत्रपूर्वक कूटरचित प्रमाणक तैयार कर उनके फर्जी हस्ताक्षर किए और कुल 22 लाख 92 हजार 378 रुपये का गबन किया।
शिकायत के अनुसार उपवनमण्डल अधिकारी बिलासपुर के 3 जुलाई 2026 के पत्र तथा वनमण्डल अधिकारी कटघोरा की अध्यक्षता में गठित जांच समिति की 14 मई 2026 की जांच रिपोर्ट में अनियमितताओं की पुष्टि होने का उल्लेख किया गया है। आरोप है कि 8 लाख 14 हजार 778 रुपये के मामले में प्रमाणक क्रमांक आर/148 से आर/155, दिनांक 28 मार्च 2025 में उनकी पदस्थापना अवधि दर्शाकर फर्जी हस्ताक्षर किए गए। शिकायत में कहा गया है कि इन प्रमाणकों को दिसंबर 2024 का दर्शाते हुए मार्च 2025 के लेखों में समायोजित कर अपात्र व्यक्तियों को भुगतान किया गया, जिससे 8 लाख 14 हजार 778 रुपये का गबन हुआ।इसी प्रकार शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि प्रमाणक क्रमांक डी/45 से डी/60, दिनांक 21 अक्टूबर 2024 में गोबर खाद आपूर्ति की तिथि उनकी कार्यावधि के दौरान दर्शाकर उनके कूटरचित हस्ताक्षर किए गए। इस आधार पर 14 लाख 77 हजार 600 रुपये का भुगतान कर गबन किए जाने का आरोप लगाया गया है।
दरोगा सिंह मरावी ने शिकायत में कहा है कि दोनों मामलों को मिलाकर कुल 22 लाख 92 हजार 378 रुपये के कथित गबन में दोनों अधिकारियों की भूमिका जांच में सिद्ध होने का दावा किया गया है। उन्होंने जांच रिपोर्ट के आधार पर दोनों के विरुद्ध भारतीय कानून के तहत कूटरचना, फर्जी हस्ताक्षर और शासकीय राशि के गबन के आरोपों में आपराधिक प्रकरण दर्ज कर विधिसम्मत कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
इस संबंध में शिकायत की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री, वन मंत्री, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख, जिला कलेक्टर जीपीएम, राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो रायपुर के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक एवं पुलिस अधीक्षक, थाना गौरेला तथा थाना मरवाही को भी भेजी गई है।



