
नूर मोहम्मद,जिला ब्यूरो चीफ, (सर्वव्यापी)
जिले की शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा देने के उद्देश्य से कलेक्टर विजय दयाराम के. ने सोमवार को जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) पेंड्रा के सभाकक्ष में शिक्षा विभाग की व्यापक समीक्षा बैठक लेकर अधिकारियों और प्राचार्यों को स्पष्ट संदेश दिया कि विद्यालयों का लक्ष्य केवल परीक्षा परिणाम बेहतर करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों का उज्ज्वल भविष्य तैयार करना होना चाहिए।
बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी रजनीश तिवारी ने विभागीय योजनाओं, शैक्षणिक गतिविधियों और उपलब्धियों का विस्तृत प्रस्तुतिकरण किया, जिस पर कलेक्टर ने आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।कलेक्टर ने पिछले वर्ष बोर्ड परीक्षाओं में जिले के उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना करते हुए इस वर्ष परिणाम को और बेहतर बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया। उन्होंने कहा कि यदि शिक्षक का विद्यार्थी उससे आगे बढ़कर समाज में अपनी अलग पहचान बनाए, तो वही शिक्षक की सबसे बड़ी उपलब्धि होगी। उन्होंने समयबद्ध ढंग से पाठ्यक्रम पूरा कराने तथा त्रैमासिक एवं अर्द्धवार्षिक परीक्षाओं के माध्यम से विद्यार्थियों का नियमित मूल्यांकन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में बालिका शिक्षा को प्राथमिकता देते हुए कलेक्टर ने जिन विद्यालयों में बालिका शौचालय नहीं हैं, वहां शीघ्र भूमि चिन्हांकन कर निर्माण शुरू कराने के निर्देश दिए। साथ ही जिन विद्यालय परिसरों में नए भवन स्वीकृत हुए हैं, वहां निर्माण से पहले जर्जर एवं अनुपयोगी भवनों को हटाने की कार्रवाई करने को कहा।
कलेक्टर ने प्रत्येक विद्यालय में एलुम्नाई एसोसिएशन गठित करने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि पूर्व विद्यार्थियों के जुड़ने से विद्यालयों का विकास होगा और वर्तमान विद्यार्थियों को करियर मार्गदर्शन तथा प्रेरणा मिलेगी। उन्होंने कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालयों के परीक्षा परिणामों में और सुधार लाने तथा रोजगार और स्वरोजगार से जुड़े व्यावसायिक पाठ्यक्रमों को बढ़ावा देने के निर्देश भी दिए।
समावेशी शिक्षा की समीक्षा के दौरान विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए स्वास्थ्य विभाग के समन्वय से हेल्थ चेकअप, चिकित्सकीय सहायता एवं आवश्यक सहायक उपकरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही 31 अगस्त को सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों के पेंशन प्रकरण समय-सीमा के भीतर तैयार करने, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निराकरण करने तथा शासन के सभी निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा।
कलेक्टर ने सरस्वती साइकिल वितरण योजना के अंतर्गत पात्र छात्राओं को जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में साइकिल वितरित करने के निर्देश दिए। बैठक में पाठ्यपुस्तक वितरण, उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम, यूनिसेफ समर्थित बालिका शिक्षा कार्यक्रम, अपार आईडी, बीएमयू, स्काउट-गाइड तथा एनसीसी सहित विभिन्न योजनाओं की भी विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मुकेश रावटे, डिप्टी कलेक्टर आकांक्षा पांडे, जिला शिक्षा अधिकारी रजनीश तिवारी, सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारी, हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी विद्यालयों के प्राचार्य, संकुल समन्वयक तथा कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालयों एवं 100 सीटर छात्रावासों के अधीक्षक उपस्थित रहे।



