GPMNewsछत्तीसगढ़

मरवाही वनमंडल में टेंडर प्रक्रिया पर गंभीर सवाल, करोड़ों की कथित अनियमितताओं की शिकायत से वन महकमे में हलचल…मुख्य सचिव से उच्च स्तरीय जांच, GeM ऑडिट और एफआईआर की मांग; शिकायत में अधिकारियों और फर्मों की भूमिका पर उठे सवाल।

नूर मोहम्मद,जिला ब्यूरो चीफ (सर्वव्यापी)

मरवाही वनमंडल में GeM पोर्टल एवं ऑफलाइन टेंडर प्रक्रिया को लेकर एक गंभीर शिकायत सामने आने के बाद वन विभाग में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। एक वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता ने छत्तीसगढ़ शासन के मुख्य सचिव को विस्तृत शिकायत सौंपते हुए वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 के दौरान किए गए विभागीय टेंडरों की उच्च स्तरीय अथवा तृतीय पक्ष से जांच कराने की मांग की है। मामले को लेकर विभागीय हलकों में भी विभिन्न स्तरों पर चर्चा होने की बात विश्वसनीय सूत्रों से सामने आ रही है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।शिकायत में आरोप लगाया गया है कि विभागीय सामग्री खरीदी तथा नर्सरियों के लिए मशीनरी किराए पर उपलब्ध कराने से जुड़े कार्यों में GeM पोर्टल और ऑफलाइन निविदा प्रक्रिया के निर्धारित नियमों का कथित रूप से पालन नहीं किया गया। आरोप है कि कुछ चुनिंदा फर्मों को बार-बार कार्य आवंटित कर प्रतिस्पर्धी प्रक्रिया की पारदर्शिता प्रभावित की गई।शिकायतकर्ता का दावा है कि कुछ मामलों में कथित रूप से कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर बिना वास्तविक सामग्री आपूर्ति के भुगतान किए गए, जिससे शासन को करोड़ों रुपये की आर्थिक क्षति पहुंची। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि पूरे मामले में विभाग के कुछ अधिकारियों, कर्मचारियों और निजी फर्मों की भूमिका संदिग्ध है, जिसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है।मुख्य सचिव को भेजे गए आवेदन में मरवाही वनमंडल के दोनों वित्तीय वर्षों के सभी GeM एवं ऑफलाइन टेंडरों का विस्तृत ऑडिट, GeM पोर्टल के डिजिटल रिकॉर्ड की जांच, स्टॉक रजिस्टर, भुगतान वाउचर तथा संबंधित अभिलेखों के भौतिक सत्यापन की मांग की गई है। शिकायतकर्ता का कहना है कि यदि सभी दस्तावेजों की तकनीकी एवं वित्तीय जांच कराई जाती है तो पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकती है।

शिकायत में यह भी मांग की गई है कि यदि जांच में आरोप प्रमाणित होते हैं तो संबंधित अधिकारियों एवं फर्म संचालकों के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम सहित अन्य प्रासंगिक कानूनी प्रावधानों के तहत एफआईआर दर्ज कर कठोर कार्रवाई की जाए। साथ ही निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए जांच अवधि में संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई करने का भी आग्रह किया गया है।

शिकायत की प्रतिलिपि प्रमुख सचिव, वन विभाग एवं प्रधान मुख्य वन संरक्षक, छत्तीसगढ़ को भी प्रेषित की गई है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि शासन इस शिकायत पर क्या निर्णय लेता है और क्या मरवाही वनमंडल की टेंडर प्रक्रिया की स्वतंत्र एवं उच्च स्तरीय जांच के आदेश जारी किए जाते हैं।

सर्वव्यापी इस पूरे मामले की तथ्यात्मक पड़ताल जारी रखे हुए है। यदि जांच के दौरान नए दस्तावेज या आधिकारिक जानकारी सामने आती है अथवा संबंधित अधिकारियों का पक्ष प्राप्त होता है, तो उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!