
तरुण कौशिक, संपादक सर्वव्यापी
बिलासपुर शहर के तिफरा जोन कार्यालय के समीप स्थित गोकने नाला कभी बरसात के दिनों में आसपास के कई मोहल्लों के लिए बड़ी मुसीबत बन जाता था। वार्ड क्रमांक 5 में आने वाला यह नाला बिल्हा विधानसभा क्षेत्र का हिस्सा है, जहां थोड़ी सी बारिश में ही आर्या कॉलोनी रोड, कुंदरा पारा और भगत सिंह आजाद नगर जैसे क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति निर्मित हो जाती थी। लोगों को कई दिनों तक परेशानी का सामना करना पड़ता था।
क्षेत्रवासियों की वर्षों पुरानी समस्या को देखते हुए तत्कालीन विधानसभा अध्यक्ष एवं वर्तमान विधायक धरम लाल कौशिक के प्रयासों से लगभग 14 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत कर गोकने नाले के जीर्णोद्धार एवं विकास का कार्य कराया गया। नाले को नया स्वरूप मिलने के बाद बाढ़ की समस्या में काफी हद तक राहत मिली और लोगों ने राहत की सांस ली।लेकिन वर्तमान स्थिति में इसी महत्वपूर्ण नाले का अधूरा विकास एक बार फिर लोगों की परेशानी का कारण बन गया है।
नगर निगम द्वारा नाले के दोनों ओर सीसी रोड निर्माण की योजना स्वीकृत की गई थी, साथ ही आर्या कॉलोनी रोड से पुराने नाले वाले मार्ग को जोड़ते हुए हाई स्कूल जाने के लिए पुल निर्माण की भी स्वीकृति प्रदान की गई थी।विडंबना यह है कि नगर निगम द्वारा एक ओर सीसी रोड का निर्माण कराकर काम अधूरा छोड़ दिया गया है। वहीं पूर्व पार्षद संतोषी यादव के बाजू वाले हिस्से में नाले के किनारे बनने वाली सीसीरोड़ सड़क का निर्माण अब तक शुरू नहीं हो पाया है। इतना ही नहीं, हाई स्कूल जाने वाले बच्चों की सुविधा के लिए स्वीकृत पुल का निर्माण भी आज तक नहीं कराया गया है।वहीं,स्थानीय लोगों का कहना है कि इस क्षेत्र के बड़ी संख्या में बच्चे प्रतिदिन हाई स्कूल अध्ययन करने जाते हैं। पुल निर्माण नहीं होने के कारण उन्हें घुमावदार और लंबा रास्ता तय करना पड़ता है। बरसात के दिनों में यह समस्या और भी गंभीर हो जाती है, क्योंकि नाले में पानी भर जाने से आवाजाही प्रभावित होती है।
लोगों का सवाल है कि जब करोड़ों रुपए खर्च कर गोकने नाले को व्यवस्थित करने की पहल की गई थी, तो फिर उससे जुड़े जरूरी कार्यों को अधूरा क्यों छोड़ दिया गया? आखिर स्वीकृत राशि के बाद भी पुल और सड़क निर्माण में देरी क्यों हो रही है?क्षेत्रवासियों का कहना है कि विकास कार्य केवल स्वीकृति तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उसका लाभ आम जनता तक पहुंचना जरूरी है। गोकने नाला क्षेत्र में सड़क और पुल निर्माण पूरा होने से न केवल बच्चों को सुविधा मिलेगी बल्कि आसपास के रहवासियों की वर्षों पुरानी आवाजाही की समस्या भी समाप्त होगी।
अब देखने वाली बात यह होगी कि सर्वव्यापी की इस खबर को संज्ञान लेते हुए नगर निगम प्रशासन इस अधूरे निर्माण को कब पूरा करता है और क्षेत्रवासियों को कब तक इस समस्या से निजात मिलती है। करोड़ों रुपए के विकास कार्य के बाद भी अधूरी व्यवस्था नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रही है।



