
तरुण कौशिक, संपादक सर्वव्यापी

छत्तीसगढ़ राज्योत्सव के अवसर पर बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में आयोजित समारोह का मुख्य मंच इस बार एक विशेष आकर्षण के कारण लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया। मंच पर छत्तीसगढ़ महतारी की विशाल तस्वीर ने हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींचा। समारोह में शामिल होने पहुंचे लोगों के लिए यह तस्वीर महज एक सजावट नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की पहचान, अस्मिता, संस्कृति और गौरव का प्रतीक बनकर सामने आई।जिले के राज्योत्सव समारोह के मुख्य मंच पर छत्तीसगढ़ महतारी को जिस भव्यता और सम्मान के साथ स्थान दिया गया, उसने आयोजन की गरिमा को और अधिक बढ़ा दिया। विशाल तस्वीर के माध्यम से छत्तीसगढ़ की माटी, यहां की संस्कृति, परंपरा और मातृभूमि के प्रति सम्मान की भावना को प्रभावशाली ढंग से अभिव्यक्त किया गया।इस विशेष पहल के लिए जिले के कलेक्टर कुलदीप शर्मा की सराहना हो रही है। उनके नेतृत्व में मुख्य मंच की यह आकर्षक साज-सज्जा राज्योत्सव समारोह को एक अलग पहचान देती नजर आई। छत्तीसगढ़ महतारी को प्रमुखता से स्थान देकर यह संदेश दिया गया कि राज्य की वास्तविक पहचान उसकी माटी, संस्कृति, परंपरा और यहां के मेहनतकश लोगों से है।राज्योत्सव केवल एक सरकारी आयोजन नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के गौरवशाली इतिहास, संघर्ष, सांस्कृतिक विरासत और राज्य निर्माण की भावनाओं को याद करने का अवसर है। ऐसे अवसर पर छत्तीसगढ़ महतारी की विशाल तस्वीर को मुख्य मंच पर प्रमुखता देना निश्चित रूप से भावनात्मक और सांस्कृतिक महत्व रखता है।बलौदाबाजार-भाटापारा जिले की इस पहल ने एक सकारात्मक संदेश दिया है कि सरकारी आयोजनों में भी प्रदेश की अस्मिता और सांस्कृतिक पहचान को सर्वोच्च प्राथमिकता मिलनी चाहिए। छत्तीसगढ़ महतारी का सम्मान ही छत्तीसगढ़ की पहचान और गौरव का सम्मान है।कलेक्टर कुलदीप शर्मा की इस पहल ने राज्योत्सव के मंच को केवल भव्यता ही नहीं दी, बल्कि छत्तीसगढ़ महतारी के प्रति सम्मान और स्वाभिमान की भावना को भी नई अभिव्यक्ति प्रदान की।




