
विकास नंद (सर्वव्यापी)
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 पर दर्ज शिकायत के त्वरित निराकरण का एक उदाहरण सामने आया है। 72 वर्षीय गंगाधर नायक का आयुष्मान वय वंदन कार्ड नहीं बन पाने की समस्या का समाधान महज आधे घंटे में कर दिया गया। कार्ड बनने के बाद वे रायपुर स्थित एम्स में बेहतर उपचार करा रहे हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शनिवार को महासमुंद जिले के गढ़फुलझर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान आवेदक के भतीजे श्रीराम नायक से चर्चा कर इस मामले की जानकारी ली।जानकारी के अनुसार, गंगाधर नायक का आयुष्मान वय वंदन कार्ड नहीं बन पाने के कारण उनके परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। इस समस्या के समाधान के लिए उनके भतीजे श्रीराम नायक ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य विभाग के एल-1 अधिकारी एवं बीएमओ डॉ. नारायण साहू ने त्वरित कार्रवाई की। इसके परिणामस्वरूप महज आधे घंटे के भीतर गंगाधर नायक का आयुष्मान वय वंदन कार्ड बन गया।
मुख्यमंत्री ने परिजन से जाना शिकायत के निराकरण का हाल
गढ़फुलझर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने श्रीराम नायक से मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 के माध्यम से मिली सहायता के संबंध में जानकारी ली। श्रीराम नायक ने बताया कि हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने तेजी से कार्रवाई की, जिससे उनके बड़े पिताजी का कार्ड बन सका। उन्होंने त्वरित निराकरण के लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया।मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश के हर वर्ग तक शासकीय योजनाओं का लाभ पहुंचाना सुशासन की सरकार का संकल्प है। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण माध्यम है, जिसके जरिए नागरिक अपनी समस्याएं दर्ज कराकर उनके समाधान की पहल कर सकते हैं।
शिकायत से समाधान तक, हेल्पलाइन बनी सहारा
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 का उद्देश्य आम नागरिकों की समस्याओं को संबंधित विभागों तक पहुंचाकर उनका निराकरण सुनिश्चित करना है। शिकायत दर्ज होने के बाद संबंधित विभाग द्वारा मामले पर कार्रवाई की जाती है। गंगाधर नायक का मामला दर्शाता है कि शिकायत पर समयबद्ध कार्रवाई होने से जरूरतमंदों को शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाने में मदद मिल सकती है।आयुष्मान वय वंदन कार्ड जैसे मामलों में समय पर सहायता बुजुर्गों के लिए विशेष महत्व रखती है। ऐसे में हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों का त्वरित निराकरण और विभागीय स्तर पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करना जरूरतमंद नागरिकों को राहत पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण है।




