
विकास नंद/ सर्वव्यापी

राज्य में योजनाओं और प्रशासनिक कार्यों को गति देने के लिए मुख्य सचिव विकासशील ने सभी विभागीय सचिवों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि निर्धारित लक्ष्यों की पूर्ति के लिए समयबद्ध और स्पष्ट कार्ययोजना तैयार कर उस पर प्रभावी ढंग से अमल किया जाए। मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित विभागीय सचिवों की बैठक में धान खरीदी, जल प्रबंधन, प्रशासनिक सुधार, डिजिटल सेवाओं, पेंशन प्रकरणों, रिक्त पदों और जिलों की मॉनिटरिंग सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों की समीक्षा की गई।बैठक में मुख्य सचिव ने आगामी खरीफ विपणन वर्ष के लिए धान खरीदी की सभी जरूरी तैयारियां समय पर पूरी करने के निर्देश दिए। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को पेयजल योजनाओं तथा जल संसाधन विभाग को शहरी एवं औद्योगिक क्षेत्रों में जल प्रबंधन और जल उपचार के लिए बेहतर कार्ययोजना तैयार करने कहा गया।नगरीय प्रशासन विभाग को विकसित भारत-2047 के विजन के अनुरूप सिटी वाटर प्लान तैयार करने के निर्देश दिए गए। वहीं परिवहन विभाग को ई-व्हीकल को बढ़ावा देने और खाद्य विभाग को सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन पॉलिसी तैयार करने कहा गया।
जिलों की निगरानी के लिए बनेगा स्कोर कार्ड
मुख्य सचिव ने जिलों में योजनाओं और विभागीय कार्यों की प्रगति पर प्रभावी निगरानी के लिए स्कोर कार्ड को अंतिम रूप देने के निर्देश दिए। इसके माध्यम से कलेक्टर स्तर पर योजनाओं की प्रगति की नियमित समीक्षा की जा सकेगी।उन्होंने कोर्ट मॉनिटरिंग सिस्टम को प्रभावी बनाने तथा अक्टूबर माह के लिए पारस पोर्टल से संबंधित प्रस्तावों पर आईटी विभाग के साथ समन्वय कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए।
ई-गजट पर उपलब्ध होंगे नियम और निर्देश
शासन द्वारा बनाए गए सभी विधिक नियमों, निर्देशों और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों की संदर्भ प्रतियां ई-गजट पर अपलोड करने के निर्देश दिए गए, ताकि अधिकारी और विभाग आवश्यकता पड़ने पर उनका आसानी से उपयोग कर सकें।पेंशन से जुड़े लंबित प्रकरणों की विभागवार समीक्षा करते हुए प्रत्येक विभागाध्यक्ष को लंबित मामलों की संख्या, उनके निराकरण में लगने वाला समय और प्रगति की नियमित रिपोर्टिंग सुनिश्चित करने कहा गया। इसके साथ ही एपीएआर को आईगॉट से लिंक करने तथा कर्मचारियों के क्षमता निर्माण के लिए विभागवार कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए।
30 सितंबर तक देनी होगी रिक्त पदों की जानकारी
मुख्य सचिव ने कर्मचारी चयन मंडल के लिए विभिन्न विभागों में रिक्त पदों की जानकारी 30 सितंबर तक उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। बैठक में लोक सेवा गारंटी अधिनियम, रिफॉर्म उत्सव, 2 अक्टूबर की ग्राम सभाओं की तैयारियों और सेवा सेतु की प्रगति की भी समीक्षा की गई।बताया गया कि वर्तमान में 38 विभागों की 907 सेवाएं सेवा सेतु के माध्यम से ऑनलाइन उपलब्ध हैं। मुख्य सचिव ने फायर सेफ्टी अधिनियम में आवश्यक सुधार की दिशा में कार्रवाई करने तथा माय भारत पोर्टल से जुड़ी गतिविधियों को गति देने के निर्देश दिए।
एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स से होगी सूचनाओं की समेकित रिपोर्टिंग
गृह विभाग की सचिव नेहा चम्पावत ने बताया कि एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स के माध्यम से विभिन्न विभागों से संबंधित जानकारी एकत्रित कर भारत सरकार को भेजी जाएगी। इससे अलग-अलग विभागों से प्राप्त सूचनाओं की समेकित रिपोर्टिंग सुनिश्चित हो सकेगी।
ग्राम सभाओं की तैयारियां समय पर पूरी करने के निर्देश
ग्राम सभा आयोजन के लिए निर्धारित 15 से 22 अक्टूबर की अवधि को ध्यान में रखते हुए सभी आवश्यक तैयारियां समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। बैठक में विभागीय क्षमता निर्माण, योजनाओं की निगरानी और लक्ष्यों की समयबद्ध पूर्ति पर विशेष जोर दिया गया।
बैठक में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव ऋचा शर्मा, गृह एवं जेल विभाग की प्रमुख सचिव निहारिका बारिक सिंह, विधि एवं विधायी विभाग के प्रमुख सचिव मनीष कुमार ठाकुर, नगरीय प्रशासन विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा, महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमुख सचिव शहला निगार, खनिज साधन विभाग एवं मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद, मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश कुमार, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव अंकित आनंद, ऊर्जा विभाग के सचिव सारांश मित्तर, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव शम्मी आबिदी, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव मोहम्मद कैसर अब्दुल हक सहित राज्य शासन के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।




