
विकास नंद (सर्वव्यापी)

मुख्य सचिवों के राष्ट्रीय सम्मेलन में छत्तीसगढ़ की उपलब्धियों, नवाचारों और प्रशासनिक सुधारों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने की तैयारी तेज हो गई है। इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी में राज्य के मुख्य सचिव विकासशील की भूमिका अहम रहेगी। उनके नेतृत्व में विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर राज्य की उत्कृष्ट पहलों, विकास कार्यों और उनके परिणामों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत करने की रणनीति तैयार की जा रही है।इसी कड़ी में 23 अक्टूबर को मंत्रालय महानदी भवन में मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में पिछले राष्ट्रीय सम्मेलन से जुड़े विषयों की समीक्षा के साथ एक्शन ट्रैकिंग एंड मॉनिटरिंग सिस्टम के माध्यम से कार्यों की प्रगति और गुणात्मक सुधारों का आकलन किया गया।
शिक्षा, स्वास्थ्य और कौशल विकास पर विशेष जोर
मुख्य सचिव विकासशील ने संबंधित विभागों के सचिवों को निर्देश दिए कि आगामी राष्ट्रीय सम्मेलन के लिए राज्य में हुए नवाचारों और गुणात्मक सुधारों से संबंधित जानकारी निर्धारित समय-सीमा में तैयार की जाए। शिक्षा, कौशल विकास, स्वास्थ्य और पोषण जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में किए गए कार्यों तथा उनसे प्राप्त परिणामों को व्यवस्थित तरीके से प्रस्तुत करने पर जोर दिया गया।राष्ट्रीय सम्मेलन में छत्तीसगढ़ की योजनाओं और प्रशासनिक पहलों को प्रभावशाली ढंग से सामने रखने के लिए विभागीय तैयारियां महत्वपूर्ण होंगी। ऐसे में मुख्य सचिव के स्तर पर समीक्षा, समयबद्ध जानकारी संकलन और विभागों के बीच समन्वय की अहम भूमिका रहेगी।
आंगनबाड़ी केंद्रों का ‘खिलौना बैंक’ बना चर्चा का विषय
बैठक में छत्तीसगढ़ के आंगनबाड़ी केंद्रों में संचालित खिलौना बैंक की पहल की विशेष रूप से सराहना की गई। इस पहल के तहत लोग अपने बच्चों के पुराने खिलौने आंगनबाड़ी केंद्रों में जमा करते हैं, जिनका उपयोग बच्चों के मानसिक विकास और सीखने की प्रक्रिया को बेहतर बनाने में किया जाता है। इसके साथ ही सुपोषण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने में भी इस पहल का उपयोग किया जा रहा है।इस अभिनव पहल के अंतर्गत अब तक एक लाख से अधिक खिलौने जमा किए जा चुके हैं। जनभागीदारी के माध्यम से बाल विकास को बढ़ावा देने वाली यह पहल राष्ट्रीय सम्मेलन में छत्तीसगढ़ के लिए प्रमुख उदाहरण बन सकती है।
विकसित भारत 2047 के लक्ष्यों पर होगा मंथन
राष्ट्रीय सम्मेलन में विकसित भारत 2047 की परिकल्पना के अनुरूप विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। इनमें आर्थिक विकास, राज्य के वित्त को मजबूत बनाने में खनन क्षेत्र की भूमिका, सुशासन में तकनीक का प्रभावी उपयोग तथा सड़क और अन्य आधारभूत संरचना परियोजनाओं को समयबद्ध ढंग से पूरा करने के लिए बेहतर कार्यप्रणाली जैसे विषय शामिल हैं।इसके अलावा स्वास्थ्य एवं पोषण, गैर-कृषि कार्यों में उर्वरकों के दुरुपयोग पर नियंत्रण, प्राकृतिक गैस के उपयोग को बढ़ावा देने और अंतरराज्यीय प्रतिस्पर्धा से जुड़े विषयों पर भी चर्चा होगी।इन विषयों पर छत्तीसगढ़ की उपलब्धियों और अनुभवों को सामने रखने के लिए संबंधित विभागों से तथ्यात्मक जानकारी, प्रगति विवरण और नवाचारों का संकलन किया जा रहा है।
वरिष्ठ अधिकारी रहे उपस्थित
बैठक में नगरीय प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा, महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमुख सचिव शहला निगार, खाद्य विभाग की सचिव रीना बाबा साहेब कंगाले, मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश कुमार, वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार, आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव अंकित आनंद, कौशल विकास विभाग के सचिव बसवराजू एस. सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।इसके अतिरिक्त राजस्व विभाग की सचिव शम्मी आबिदी, खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव यशवंत कुमार, आदिम जाति विभाग के सचिव भूवनेश यादव, जल संसाधन विभाग के सचिव राजेश सुकुमार टोप्पो, स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमित कटारिया, गृह विभाग की सचिव नेहा तथा मुख्यमंत्री के विशेष सचिव एवं आयुक्त जनसंपर्क रजत बंसल सहित अन्य अधिकारी भी बैठक में शामिल हुए।
राष्ट्रीय सम्मेलन की तैयारियों के बीच मुख्य सचिव विकासशील के समक्ष विभिन्न विभागों के प्रयासों को एकीकृत रूप से प्रस्तुत करने, निर्धारित समय-सीमा में जानकारी तैयार कराने और छत्तीसगढ़ की नवाचारपूर्ण पहलों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रभावी ढंग से सामने रखने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी रहेगी।


