Newsछत्तीसगढ़

त्योहारों से पहले महंगाई की दोहरी मार! छत्तीसगढ़ में यात्री बसों के नए किराए दर लागू, त्योहारों में घर पहुंचना होगा महंगा।

विकास नंद/सर्वव्यापी

त्योहारों का मौसम नजदीक आते ही आम जनता पर महंगाई की मार और बढ़ने की आशंका है। एक ओर खाद्य सामग्रियों की बढ़ती कीमतों से घरेलू बजट पहले ही बिगड़ा हुआ है, वहीं दूसरी ओर छत्तीसगढ़ शासन के परिवहन विभाग ने यात्री बसों के लिए नए किराया दरों को लेकर अधिसूचना जारी की है। ऐसे में त्योहारों के दौरान अपने घरों तक पहुंचने, रिश्तेदारों से मिलने और धार्मिक स्थलों की यात्रा करने वाले लोगों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है।

छत्तीसगढ़ राजपत्र में 12 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित परिवहन विभाग की अधिसूचना के अनुसार, राज्य में यात्री वाहनों की विभिन्न श्रेणियों के लिए प्रति यात्री किराया निर्धारित किया गया है। यह आदेश 8 अक्टूबर 2026 को जारी किया गया था। इसमें साधारण बसों से लेकर डीलक्स, सुपर लग्जरी और वातानुकूलित यात्री सेवाओं के लिए अलग-अलग किराया दरों का उल्लेख किया गया है।

साधारण बस से लेकर डीलक्स सेवा तक किराया निर्धारित

परिवहन विभाग की अधिसूचना के अनुसार, साधारण बस सेवा के लिए प्रथम पांच किलोमीटर की दूरी तक प्रति यात्री 10 रुपये किराया निर्धारित किया गया है। इसके बाद प्रत्येक किलोमीटर के लिए 1.75 रुपये प्रति यात्री की दर से किराया देय होगा।वहीं, डीलक्स बस सेवा के लिए प्रथम पांच किलोमीटर तक प्रति यात्री 12 रुपये तथा इसके बाद प्रत्येक किलोमीटर के लिए 2.20 रुपये की दर निर्धारित की गई है। डीलक्स बस की रात्रिकालीन सेवा के लिए भी यही किराया दर लागू होगी।सुपर लग्जरी वातानुकूलित सेवाओं के लिए प्रथम पांच किलोमीटर तक प्रति यात्री 12 रुपये और इसके बाद प्रत्येक किलोमीटर के लिए 3.30 रुपये निर्धारित किए गए हैं। सुपर लग्जरी वातानुकूलित अर्ध-शयनयान एवं शयनयान सेवाओं में सीटों के लिए 3 रुपये तथा शयनयान के लिए 3.30 रुपये प्रति यात्री प्रति किलोमीटर की दर का उल्लेख है।

इसी तरह डीलक्स वातानुकूलित शयनयान एवं अर्ध-शयनयान सेवाओं के लिए प्रथम पांच किलोमीटर तक 12 रुपये और इसके बाद संबंधित श्रेणी के अनुसार प्रति यात्री प्रति किलोमीटर 3.20 रुपये तक की दर निर्धारित की गई है।

रात्रिकालीन साधारण बस सेवा के लिए सामान्य बस किराये से 10 प्रतिशत अधिक किराया निर्धारित किया गया है। अधिसूचना में यह भी स्पष्ट किया गया है कि निर्धारित किराये की गणना में 50 पैसे से अधिक की राशि को अगले उच्चतर रुपये में पूर्णांकित किया जाएगा, जबकि 50 पैसे से कम की राशि छोड़ दी जाएगी।

त्योहारों में बढ़ेगा आवागमन का खर्च

त्योहारों के दौरान बड़ी संख्या में लोग रोजगार, पढ़ाई और व्यवसाय के सिलसिले में दूसरे शहरों में रहने वाले अपने परिवारजनों से मिलने के लिए यात्रा करते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों से जिला मुख्यालयों और बड़े शहरों तक पहुंचने के लिए भी बड़ी आबादी निजी यात्री बसों पर निर्भर रहती है।ऐसे में बस किराये की निर्धारित दरें आम यात्रियों के यात्रा खर्च को प्रभावित कर सकती हैं। खासकर उन परिवारों पर इसका असर पड़ने की आशंका है, जिनके सदस्यों को त्योहारों के दौरान बार-बार यात्रा करनी पड़ती है।हालांकि, किराये में वास्तविक बढ़ोतरी कितनी हुई है, इसका आकलन पुरानी और नई दरों की तुलनात्मक जानकारी से ही किया जा सकता है। इसलिए केवल नई किराया दरों के आधार पर सभी श्रेणियों में समान अनुपात से किराया बढ़ने का निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।

खाद्य सामग्री की महंगाई से पहले ही बिगड़ा घरेलू बजट

आम जनता की परेशानी केवल यातायात खर्च तक सीमित नहीं है। रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाली खाद्य सामग्रियों और घरेलू जरूरतों की वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि का असर भी परिवारों के बजट पर पड़ता है।

ऐसे समय में यात्रा पर होने वाला अतिरिक्त खर्च निम्न और मध्यम आय वर्ग के परिवारों के लिए चिंता का विषय बन सकता है।त्योहारों में मिठाई, फल, सब्जियां, किराना सामग्री, कपड़े और अन्य जरूरी सामानों की खरीदारी के कारण घरेलू खर्च स्वाभाविक रूप से बढ़ जाता है। ऐसे में लोगों को उम्मीद रहती है कि कम से कम आवागमन का खर्च उनकी पहुंच में रहे, ताकि वे बिना अधिक आर्थिक दबाव के अपने परिवार और रिश्तेदारों के साथ त्योहार मना सकें।

किराया निर्धारण के साथ यात्रियों की सुविधाओं पर भी हो ध्यान

बस किराया निर्धारित करने के साथ यात्री सुविधाओं और निर्धारित दरों के पालन पर भी विशेष ध्यान देने की जरूरत है। यात्रियों को स्पष्ट किराया सूची उपलब्ध कराना, निर्धारित दर से अधिक वसूली पर निगरानी रखना तथा बसों में सुरक्षा और अन्य आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करना परिवहन व्यवस्था की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।

त्योहारों के दौरान यात्री संख्या बढ़ने की स्थिति में बस संचालकों और संबंधित विभाग को भीड़ प्रबंधन, समय पर बस संचालन तथा यात्रियों की सुविधा को प्राथमिकता देनी चाहिए। यात्रियों को भी यात्रा के दौरान निर्धारित किराया सूची की जानकारी रखनी चाहिए, ताकि किसी प्रकार की अनियमित वसूली होने पर संबंधित विभाग के समक्ष शिकायत की जा सके।

कुल मिलाकर, खाद्य सामग्रियों की महंगाई और यात्री बसों की निर्धारित किराया दरों के बीच त्योहारों का मौसम आम लोगों के घरेलू बजट की परीक्षा ले सकता है। ऐसे में जरूरी है कि किराया निर्धारण के साथ यात्रियों के हितों की रक्षा, पारदर्शिता और बेहतर परिवहन सुविधाओं पर भी समान रूप से ध्यान दिया जाए।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!