
विकास नंद/सर्वव्यापी

महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और न्याय के मुद्दे को लेकर भाजपा महिला मोर्चा ने नई दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय के बाहर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। भाजपा महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं महासमुंद लोकसभा सांसद रूप कुमारी चौधरी के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में JNU यौन उत्पीड़न मामले में आरोपी सांसद अंगोमचा बिमोल को निष्कासित करने की मांग उठाई गई। प्रदर्शन के दौरान महिला मोर्चा ने कांग्रेस नेतृत्व, विशेषकर राहुल गांधी से जवाबदेही तय करने की मांग करते हुए महिलाओं के अधिकारों के सवाल पर चुप्पी को लेकर सवाल खड़े किए।
भाजपा महिला मोर्चा ने इस प्रदर्शन के माध्यम से स्पष्ट संदेश देने का प्रयास किया कि महिलाओं के सम्मान और न्याय से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की कथित लापरवाही या राजनीतिक संरक्षण स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि मामले में निष्पक्ष कार्रवाई हो, पीड़िताओं को न्याय मिले और आरोपों से जुड़े प्रत्येक पहलू की पारदर्शी तरीके से जांच सुनिश्चित की जाए।
‘न्याय की आवाज दबेगी नहीं, महिला शक्ति झुकेगी नहीं
’प्रदर्शन के दौरान भाजपा महिला मोर्चा ने ‘न्याय की आवाज दबेगी नहीं, महिला शक्ति झुकेगी नहीं’ का नारा बुलंद करते हुए महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा को सर्वोपरि बताया। महिला मोर्चा ने सवाल उठाया कि जब महिलाओं के अधिकार और न्याय का मामला सामने आता है, तब कांग्रेस की भूमिका और जवाबदेही पर सवाल क्यों नहीं उठने चाहिए?भाजपा महिला मोर्चा की मांग है कि मामले में निष्पक्षता के साथ कार्रवाई की जाए तथा पीड़िताओं को न्याय दिलाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। प्रदर्शन के जरिए पार्टी ने महिलाओं से जुड़े संवेदनशील मामलों में राजनीतिक दलों की जवाबदेही और पारदर्शिता का मुद्दा भी उठाया।
महिला सम्मान के मुद्दे पर राजनीतिक जवाबदेही की मांग
रूप कुमारी चौधरी के नेतृत्व में आयोजित इस विरोध प्रदर्शन को भाजपा महिला मोर्चा की ओर से महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और न्याय के मुद्दे पर अपनी आवाज बुलंद करने की पहल के रूप में प्रस्तुत किया गया। महिला मोर्चा ने दोहराया कि आरोपों की निष्पक्ष जांच और कानून के अनुरूप कार्रवाई जरूरी है, ताकि पीड़िताओं को न्याय मिल सके और ऐसे मामलों में जवाबदेही सुनिश्चित हो।भाजपा महिला मोर्चा का संदेश स्पष्ट है—महिलाओं के सम्मान और न्याय के सवाल पर चुप्पी नहीं, बल्कि निष्पक्ष कार्रवाई और जवाबदेही जरूरी है।



